फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal assembly election new faces to contest polls

विस चुनाव: हिमाचल में सियासी विरासत संभालने के लिए बेताब नई पीढ़ी

Fri, 13 Oct 2017 07:15 PM IST
amarujala.com/shimla- presented by: अरविंद ठाकुर
amarujala.com/shimla- presented by: अरविंद ठाकुर Updated Fri, 13 Oct 2017 07:15 PM IST
विज्ञापन
himachal assembly election new faces to contest polls

विधानसभा चुनाव से पहले अब परिवार की सियासी विरासत को नई पीढ़ी के हवाले करने के लिए कई नेता कदमताल कर रहे हैं। पहले से तैयार सियासी जमीन पर खुद को साबित करने के लिए नई पीढ़ी भी बेताब है। 

विज्ञापन


इसके लिए कईयों ने जोखिम उठाने से भी परहेज नहीं किया है। कोई लाखों की नौकरी छोड़कर पॉलिटिक्स में कॅरिअर पर दांव खेलने की तैयारी में है तो कोई विदेश में बड़ा ओहदा छोड़ प्रदेश की सियासत में पैठ बनाने की जुगत में है।
विज्ञापन


1 गोकुल बुटेल- पालमपुर से पूर्व विधायक स्वर्गीय कुंज बिहारी बुटेल के पोते हैं। कुंज बिहारी बुटेल बीबीएल बुटेल के सगे भाई हैं। कुंज बिहारी बुटेल की मृत्यु के बाद बीबीएल बुटेल ने उनकी राजनीतिक सत्ता संभाली थी। गोकुल बुटेल का कहना है कि अगर उन्हें टिकट मिला तो वे चुनाव जरूर लड़ेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

आयु : 28 वर्ष
शिक्षा :  इंजीनियर इन मेकैनिकल एवं एरोस्पेस, यूएसए में ओबामा सरकार में बतौर कंसल्टेंट सेवाएं दे चुके हैं। 
वर्तमान में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आईटी सलाहकार हैं। 2012 विस चुनाव में कांग्रेस सोशल मीडिया के इंचार्ज रहे। 2014 लोस चुनाव में वार रूम के प्रभारी भी रहे।

2 मनाली से भुवनेश्वर- कुल्लू के मनाली विधानसभा क्षेत्र से पूर्व कृषि मंत्री राजकृष्ण गौड़ के पुत्र एवं प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता भुवनेश्वर गौड़ कांग्रेस टिकट की दौड़ में हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में वह भाजपा के गोविंद ठाकुर से चुनाव हार गए थे। गौड़ ने कहा कि वे टिकट के प्रबल दावेदार हैं। 

3 चंपा ठाकुर- कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर को चुनाव मैदान में उतारने की अटकलों का दौर चल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर इस बात से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके परिवार से कोई चुनाव मैदान में नहीं उतरेगा। जहां तक बेटी की बात है, वह बेटी का परिवार ही तय करेगा। 

4 नाचन से शीला देवी- नाचन विधानसभा क्षेत्र से पूर्व भाजपा मंत्री स्वर्गीय दिलेराम की बेटी शीला देवी भाजपा टिकट के दावेदारों की दौड़ में हैं। शीला देवी वर्तमान में कलैहड़ पंचायत की प्रधान हैं, वह भी प्रेसवार्ता करके नाचन से भाजपा के लिए दावेदारी जता चुकी हैं। 

5 बंजार से आदित्य विक्रम- बंजार में पूर्व आयुर्वेद मंत्री स्व. कर्ण सिंह के बेटे आदित्य विक्रम सिंह कांग्रेस टिकट की दावेदारी ठोक रहे हैं। आदित्य विक्रम का कहना है कि उनके पिता ने बंजार  विस क्षेत्र में विकास की गंगा बहाई है। लिहाजा, चुनाव में उन्हें टिकट मिलना चाहिए।

6 यादवेंद्र गोमा- यादवेंद्र गोमा वर्तमान में विधायक हैं। यादवेंद्र गोमा ने जयसिंहपुर से फिर ‌टिकट का दावा किया है। इनके पिता मिल्‍खीराम गोमा पूर्व विधायक रह चुके हैं। 

7 रघुवीर बाली- रघुवीर बाली परिवहन मंत्री जीएस बाली के बेटे हैं। परिवहन मंत्री जीएस बाली भी बेटे के लिए सियासी जमीन तलाश रहे हैं।

8 दिग्विजय सिंह- सिराज विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व मंत्री स्वर्गीय मोतीराम की बेटी तारा ठाकुर वर्ष 2012 में चुनाव लड़ चुकी हैं। अब स्वास्थ्य ठीक न होने के चलते वे अपने बेटे को चुनाव मैदान में उतारने को तैयार हैं। मंत्री के दोहते दिग्विजय सिंह का कहना है कि वह बिटस प्लानी से इंजीनियरिंग करने के बाद एक लाख की जॉब छोड़कर आए हैं। अगर उन्हें टिकट मिला तो वह सिराज में कांग्रेस को जिताने का माद्दा रखते हैं।

9 विवेक शर्मा- जिला सदर विधानसभा क्षेत्र सहित कुटलैहड़ में कांग्रेस टिकट के दो दावेदार अपने पिता के रसूख पर पार्टी टिकट के लिए कदमताल कर रहे हैं। कुटलैहड़ से प्रदेश कांग्रेस सचिव विवेक शर्मा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रामनाथ शर्मा के पुत्र हैं, जबकि कांगड़ा बैंक के निदेशक राजीव गौतम पूर्व विधायक स्व. वीरेंद्र गौतम के पुत्र हैं। कुटलैहड़ से कांग्रेस टिकट की दावेदारी ठोक कर रहे विवेक शर्मा का कहना है कि उनके परिवार का लंबा राजनीतिक अनुभव है। वह एक सशक्त उम्मीदवार के तौर पर भाजपा को शिकस्त देंगे।
विवेक शर्मा - प्रोफाइल
आयु : 40
शिक्षा : स्नातक
इन पदों पर दे चुके हैं सेवाएं- जिलाध्यक्ष एनएसयुआई, जिला युकां महासचिव, प्रदेश युकां महासचिव, प्रदेश युकां उपाध्यक्ष, जिला कांग्रेस प्रवक्ता, राजस्थान, दिल्ली और पंजाब के चुनावों में बतौर समन्वयक, प्रदेश कांग्रेस सचिव (वर्तमान में)

10 संजू डोगरा- नाचन में दो बार कांग्रेस के विधायक रहे टेक चंद डोगरा पिछले विधानसभा चुनावों की शिकस्त के बाद अपने बेटे संजू डोगरा के लिए दावेदारी पक्की करने में लगे हैं।

सुखराम के पोते आश्रय भी पूरी तैयारी में

himachal assembly election new faces to contest polls

11 आश्रय शर्मा- जिला मंडी में पंडित सुखराम के पोते और पंचायतीराज मंत्री के बेटे आश्रय शर्मा सिराज विधानसभा क्षेत्र से चुनावी जमीन खोजने में लगे हैं। 20 साल से भाजपा के विधायक जयराम सिराज में विजय पताका फहरा रहे हैं। अब सुखराम परिवार अगली पीढ़ी को आश्रय शर्मा के रूप में चुनाव मैदान में उतारने की ताल ठोक चुका है। आश्रय का कहना है भाजपा के गढ़ सिराज में भाजपा को हराने की चुनौती स्वीकारने को वह पूरी तरह से तैयार हैं। 


12 अमित भरमौरी- जिला चंबा के भरमौर विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान विधायक एवं वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी के पुत्र अमित भरमौरी बकाण वार्ड जिप सदस्य अपने पिता के रसूख पर पार्टी टिकट के लिए मैदान में हैं। वन एवं मत्स्य पालन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी विधानसभा क्षेत्र भरमौर के अधीन होने वाले शिलान्यास कार्यक्रमों में अपने बेटे बकाण वार्ड के जिप सदस्य अमित भरमौरी का नाम शिलान्यास पट्टिकाओं पर चस्पां कर अपने पुत्र को प्रमोट कर रहे हैं।  1979 में जन्मे अमित भरमौरी ने बीए, एलएलबी की है। वर्तमान में अमित प्रदेश कांग्रेस कमेटी में प्रदेश सचिव के पद पर हैं।

13 राजीव गौतम- राजीव गौतम का कहना है कि उनके पिता वीरेंद्र गौतम दो बार सदर से कांग्रेस विधायक रहे। लिहाजा, पार्टी के प्रति उनके परिवार के समर्पण को देखते हुए उन्हें टिकट मिलना चाहिए।
राजीव गौतम - प्रोफाइल
आयु : 38
शिक्षा : बीएससी, एलएलबी
इन पदों पर दे चुके हैं सेवाएं
कांगड़ा बैंक के निदेशक
यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष युकां, उपाध्यक्ष किसान सेल प्रदेश, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता, केंद्रीय इस्पात उपभोक्ता परिषद सदस्य, हिमको फेड के निदेशक, प्रदेश शिकायत निवारण समिति सदस्य, 20 सूत्रीय कार्यक्रम के सदस्य जिला, स्टेट यूथ बोर्ड के सदस्य, प्रदेश ब्राह्मण बोर्ड सदस्य। वर्तमान में कांगड़ा बैंक के निदेशक।   --     

14 नीरज भारती- पूर्व मंत्री चंद्र कुमार के बेटे नीरज भारती वर्तमान कांग्रेस सरकार में सीपीएस के पद पर हैं। नीरज भारती ज्वाली विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। नीरज भारती ने इस बार भी टिकट की दावेदारी की है।


15 सीपीएस विनय कुमार- सीपीएस विनय कुमार ने अपने पिता स्वर्गीय प्रेम सिंह की मृत्यु के बाद एक वर्ष पूर्व भाजपा सरकार के शासनकाल में हुए उपचुनाव में रेणुका विधानसभा में कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, वे चुनाव हार गए, लेकिन, पिछले साल हुए चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी ह्दय राम को हराकर विधानसभा में एंट्री की। वह पहली ही बार सीपीएस भी बने। जमा दो तक पढ़े विनय कुमार के पास पार्टी में कोई ओहदा नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed