चौका लगाने के लिए बेताब सतपाल सत्ती के सामने रायजादा की चुनौती

बविंद्र वशिष्ठ/अमर उजाला, ऊना Updated Wed, 08 Nov 2017 01:56 PM IST
himachal assembly election 2017 Satpal Satti and Satpal Raizada
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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती के हलके में प्रचार के दौरान भी खास चुनावी शोर नहीं सुनाई दिया। अंब की ओर से ऊना में प्रवेश करते ही हाईवे पर आवाजाही रोज की तरह सामान्य रही। यहां प्रचार में न गाड़ियों के काफिले नजर आए और न ही जलसे जलूस जैसा माहौल बन पाया। चुनावी तामझाम के अभाव में भी हलके के चौक चौराहों पर सियासी चर्चा गर्म है।
इसी माहौल के बीच एक शाम का वक्त है। व्यस्त रहने वाले ऊना के रोटरी चौक पर एक शो रूम के बाहर कुछ कारोबारियों में बहस हो रही है। बहस में दुकानदारों के अलावा कुछ भाजपा और कांग्रेस के समर्थक भी हैं। एक उम्रदराज कारोबारी तल्ख लहजे में कह रहा है। जीते कोई भी हलके के मुद्दे हल होने चाहिए।

जिला मुख्यालय अभी तक सीवरेज सिस्टम से नहीं जुड़ सका है। कहीं हल्की सी बारिश हो जाए तो पूरा शहर पानी से लबालब हो जाता है। कौन करेगा यह सब। कुछ देर खामोशी के बाद इनमें से एक व्यक्ति बोलता है, चुनाव में यही सब तो देखना है।
 
कौन आने वाले समय में शहर के लिए क्या कर सकता है। झलेड़ा से मैहतपुर तक नेशनल हाईवे किनारे की चर्चा का मिजाज भी ऐसा ही है। दिन ढल चुका है। ऊना संतोषगढ़ रोड पर रामपुर क्षेत्र में चाय की दुकान के बाहर एक चौपाल जैसी लगी है।

बड़े बुजुर्ग और युवा भी इसमें शामिल हैं। एक युवक कह रहा है - विकास के लिए पैसे केंद्र से मिल रहे हैं या प्रदेश सरकार अपने स्तर पर दे रही है। यह समझना भी जरूरी है। बगल में बैठे एक सेवानिवृत्त अधिकारी बोलते हैं - विकास के साथ प्रत्याशी का व्यवहार भी अहम होता है। इसी रोड पर थोड़ा आगे बराना में एक बुजुर्ग किसान दुकान के बाहर अखबार पड़ रहे हैं।

क्या माहौल है, पूछने पर तपाक से कहने लगे - नेतयां ने तां प्रधानां ते उप प्रधानां नाल यारियां लाइयां ने, आम बंदे नूं कौण पुछदा। कम कराण जाइए तां कैंदे प्रधान नू लै के आओ। हुण वोटां भी प्रधानां तो ले लैण। इससे आगे जनकौर में यही सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। लोग कहते हैं लंबे समय से यह सड़क ऐसी ही है।

...तो अपना मानदेय भी विकास पर लगा दूंगा
शाम को बहडाला की दलित बस्ती में कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल सिंह रायजादा एक नुक्कड़ सभा कर रहे हैं। लोगों को संबोधित करते हुए कहते हैं पिछले पंद्रह सालों से ऊना में विकास के नाम पर सिर्फ  राजनीति होती रही। काम कोई नहीं हुआ। अगर विधायक बन गया तो अपना मानदेय तक ऊना हलके के विकास पर लगाऊंगा।
-सतपाल रायजादा, कांग्रेस प्रत्याशी

कांग्रेस ने किया ऊना से भेदभाव
कुठार में दोपहर बाद नुक्कड़ सभा में विधायक सतपाल सिंह सत्ती कह रहे हैं - सत्तासीन कांग्रेस सरकार ने विस क्षेत्र के साथ भेदभाव किया है। भाजपा विधायक होने के चलते यहां पर विकास कार्य नहीं होने दिया। चुनावों के समय मुख्यमंत्री ने खोखली घोषणाएं कर जनता को गुमराह करने का ही प्रयास किया है। मोदी सरकार ने प्रदेश को करोड़ों के तोहफे दिए हैं। ऊना की बात करें तो आईओसी डिपो, पीजीआई सेटेलाइट सेंटर, चाइल्ड हेल्थ केयर सेंटर और स्वां तटीकरण प्रोजेक्ट मुख्य है।
- सतपाल सिंह सत्ती, भाजपा प्रत्याशी

क्या कहते हैं हलके के वोटर 
कुण कराऊगा सड़कां दा कम

बरादा गांव से संबंध रखने वाले बहादुर ने कहा कि वह कई दशकों से ऊना में चुनावों को देखते आ रहे हैं। हर चुनावी समय में क्षेत्रवासियों को बढ़िया सड़कें बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन ये सब खोखले नजर आ रहे हैं। पिछले लंबे समय से ऊना संतोषगढ़ सड़क की हालत बेहद खराब है। इस रोड पर अग्निशमन केंद्र, सरकारी कार्यालय, आईओसी डिपो जैसे बड़े प्रोजेक्ट हैं, लेकिन सड़कों की हालत फिर भी दयनीय है। वे कहते हैं- दसो ड्यूटी किदी है कुण कराऊगा सड़कां दा कम।

विस क्षेत्र का नहीं हुआ विकास
रामपुर में स्थित एक दुकानदार रोहित सैणी ने कहा कि विस क्षेत्र का विकास नहीं हुआ है। सड़क, स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं नाममात्र हैं। इन विस चुनाव में क्षेत्र की जनता अपनी सूझबूझ से अपने मत का प्रयोग करेगी। किसी के बहकावे में आकर मतदान नही होगा।

विकास करवाने वाले को मिलेगा बहुमत
रामपुर गांव के पंचायत प्रतिनिधि राजेश कुमार की मानें तो जनता उसी को बहुमत देगी, जिसने विकास करवाया है। क्षेत्र में कौन-कौन से विकास कार्य हुए हैं, यह क्षेत्र की जनता भलीभांति जानती है। किसको ज्यादा बहुमत मिलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

समस्याओं पर संजीदगी दिलाएगी कुर्सी
जनकौर निवासी सोढी ने कहा कि विस चुनावों में आम जनता की समस्याएं प्रत्याशियों पर भारी पड़ सकती हैं। आम लोगों को पिछले लंबे समय से पेश आ रही समस्याओं को किसने संजीदगी से लेकर हल करवाया है। किसने जनता का दुख दर्द जाना है और जनता के सुख-दुख में अपना साथ दिया है। जनता उसी को अपना नेता चुनेगी।

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