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सीयू कैंपस के लिए सर्वे कर रहे भू वैज्ञानिक, रिपोर्ट के बाद मिलेगी हरी झंडी
राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Fri, 25 May 2018 10:33 AM IST
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हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के धौलाधार परिसर के लिए धर्मशाला के समीप जदरांगल गांव में चयनित भूमि में भवन निर्माण पर अभी भी जियोलॉजिकल विभाग की रिपोर्ट का साया है। जदरांगल स्थित भूमि का इन दिनों जियोलॉजिकल सर्वे चल रहा है। सर्वे के अनुसार भवन निर्माण के लिए भूमि उपयुक्त पाए जाने के बाद ही वहां विवि के भवन निर्माण को हरी झंडी मिलेगी।
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इसके बाद ही केंद्र सरकार को फॉरेस्ट क्लीयरेंस का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इससे पूर्व धर्मशाला के चौहला में केंद्रीय विवि के लिए चयनित भूमि को भी जियोलॉजिकल सर्वे टीम ने रद्द कर दिया था। एसडीएम धर्मशाला रमेश रमोत्रा ने बताया कि केंद्रीय विवि की जदरांगल स्थित भूमि का जियोलॉजिकल सर्वे चल रहा है।
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जियोलॉजिकल सर्वे टीम को भूमि के सभी कागजात उपलब्ध करवा दिए गए हैं। सर्वे के बाद भूमि हस्तांतरण को लेकर आगामी कार्रवाई शुरू होगी। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के दो कैंपस स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें देहरा में ब्यास कैंपस, जबकि धर्मशाला में धौलाधार कैंपस का नाम दिया गया है।
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ब्यास कैंपस के लिए देहरा में अमरपुरी में करीब 300 एकड़ भूमि का जियोलॉजिकल सर्वे करवाकर फॉरेस्ट क्लीयरेंस का प्रपोजल केंद्र सरकार को भेजा गया है। धौलाधार परिसर को जदरांगल स्थित करीब 700 एकड़ भूमि का जियोलॉजिकल सर्वे चल रहा है।
केंद्रीय विवि कैंपस को अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। धर्मशाला में जियोलॉजिकल सर्वे चल रहा है। इसके बाद मामला कैबिनेट बैठक में जाएगा। बैठक में हरी झंडी मिलने के बाद एफआरए के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
सीयू के लिए धर्मशाला और देहरा में भूमि का विवि के नाम हस्तांतरित होते ही यहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - कुलदीप चंद अग्निहोत्री, कुलपति केंद्रीय विवि