फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   four thousand applications for taxi permit in two years

इस काम में रुचि दिखा रहे हैं युवा, चार हजार ने किया आवेदन

Tue, 20 Dec 2016 09:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, तपोवन (कांगड़ा)
ब्यूरो/अमर उजाला, तपोवन (कांगड़ा) Updated Tue, 20 Dec 2016 09:04 AM IST
विज्ञापन
four thousand applications for taxi permit in two years

प्रदेश में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को अपनाने के लिए युवा काफी रुचि दिखा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश भर में 4616 युवाओं ने टैक्सी परमिट के लिए आवेदन किया है, जबकि 419 ने टैंपो ट्रैवलर और 305 में थ्री व्हीलर के परमिट के लिए सरकार के पास आवेदन किया है। 

विज्ञापन


शीत सत्र के पहले दिन सदन में रखे गए प्रश्न के लिखित जवाब में परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बताया कि टैक्सी परमिट के लिए सरकार के पास आए कुल 4616 आवेदनों में से 4390 को परमिट जारी कर दिए हैं, जबकि 226 आवेदकों के परमिट के लिए आवेदन लंबित पड़े हैं।
विज्ञापन


टैंपो ट्रेवलर के लिए के लिए 419 आवेदनों में से 371 को परमिट जारी किए हैं। इसमें 58 आवेदकों के आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा थ्री व्हीलर के 305 आवेदनों में से 102 को परमिट जारी किए है, तो 203 आवेदन सरकार के पास लंबित पड़े हैं। सदन में यह प्रश्न सुजानपुर से विधायक नरेंद्र ठाकुर और चिंतपूर्णी से विधायक कुलदीप कुमार ने लगाया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

दो सालों में 24 जवान हुए शहीद

four thousand applications for taxi permit in two years

देश के नाम कुर्बानी देने वाले चार शहीदों के परिवारों को अभी भी सरकार आर्थिक सहायता नहीं दे सकी है, जबकि इन शहीदों को शहीद हुए तकरीबन एक-एक साल हो गया है। इसमें चार अक्तूबर 2015 को शहीद हुए सरकाघाट (मंडी) के राइफलमैन बृज लाल, पांच फरवरी

2016 को शहीद हुए चंबा के हवलदार इंद्र कुमार, 11 मार्च, 2016 को शहीद हुए कुल्लू के राइफलमैन जयपाल और 22 मई 2016 को शहीद हुए मंडी जिला के राइफलमैन (जीडी) भूपेंद्र कुमार का परिवार अभी भी सरकार से आर्थिक सहायता मिलने के इंतजार में है।

पिछले दो सालों में हिमाचल से सेना के 22 जवानों और अधिकारियों ने देश के नाम कुर्बानी दी है, जबकि दो सीआरपीएफ के जवान भी शामिल हैं। इसमें चार शहीदों को छोड़ 18 सेना के शहीदों के परिवारों को एक करोड़ 40 लाख रुपये और दो सीआरपीएफ के शहीदों के परिवारों को दो लाख 50 हजार रुपये बतौर आर्थिक सहायता सरकार ने दी है। 

इसमें पांच जवानों को तीन-तीन लाख, नौ को पांच-पांच और चार को 20-20 लाख रुपये दिए गए हैं। सदन में यह जानकारी नाचन के विधायक विनोद कुमार की ओर लगाए गए प्रश्न के लिखित उत्तर में सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed