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हिमाचल के 898 स्कूलों में होने वाला है खास सर्वे, पूछे जाएंगे 6 सवाल

Tue, 28 Feb 2017 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 28 Feb 2017 12:08 AM IST
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CM Virbhadra Singh Launch Special Survey in 898 Schools of Himachal.

प्रदेश के 898 स्कूलों में सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण का सर्वे किया जाएगा। देश में सबसे पहले हिमाचल को इस सर्वे के लिए चुना गया है। सर्वे के तहत प्रदेश के 768 सरकारी और 130 निजी स्कूलों की छह बिंदुओं पर आधारित पड़ताल की जाएगी।

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सोमवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राजधानी शिमला के होटल ट्रिपल एच में शिक्षा का अधिकार अधिनियम पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने सर्वे की प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
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मुख्यमंत्री ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में कहा वर्तमान सरकार ने बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित बनाने के लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन किया है।
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मुख्यमंत्री ने देश के स्कूलों में सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण पर प्रथम राष्ट्रीय रिपोर्ट के सर्वेक्षण कैलेंडर का भी विमोचन किया। इस रिपोर्ट में सुरक्षित स्कूल वातावरण का जिला तथा राज्यवार डाटा विभिन्न मानकों के साथ दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा यदि शिक्षा के अधिकार अधिनियम में कुछ कमी है तो उस पर विचार किया जाएगा। 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि अधिनियम की धारा 12 (1) (सी) के तहत गरीब वर्गों के बच्चों के लिए प्रवेश स्तर पर 25 प्रतिशत दाखिला सुनिश्चित बनाने के प्रयास जारी हैं।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष किरण धांटा ने आयोग द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की निदेशक मानसी सहाय ठाकुर, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण परिषद की सदस्य पूजा ठाकुर, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा और निदेशक सर्व शिक्षा अभियान घनश्याम चंद भी मौजूद रहे।

बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने वाले अभिभावक न लड़ सकें चुनाव
बाल अधिकार संरक्षण की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य प्रयांक कानूनगो ने कहा कि ऐसे अभिभावक जो अपने बच्चों को बुनियादी शिक्षा से वंचित रखते हैं, उन्हें किसी भी प्रकार के चुनाव लड़ने से वंचित रखने के लिए नीति बनाने की आवश्यकता है। यदि ऐसा होता है तो वह अन्य राज्यों के लिए उदाहरण होगा। 


स्कूली बच्चों, डाइट के सहयोग से होगा सर्वे
स्कूलों में होने वाले सर्वे में बच्चों और डाइट में प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों का सहयोग लिया जाएगा। सर्वे के तहत मूलभूत सुविधाओं, स्कूल प्रबंधन समिति, मिड डे मील, सामाजिक भेदभाव, शारीरिक शोषण और डिजास्टर सिस्टम को लेकर पड़ताल की जाएगी। जिला परियोजना अधिकारी स्कूलों से रिपोर्ट जुटाकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग को सौंपेंगे।

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