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नौणी विवि के छात्रों और वैज्ञानिकों ने कर डाले ऐसे शोध, मिले अवॉर्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Sat, 25 Nov 2017 09:33 AM IST
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डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के छात्रों और वैज्ञानिकों ने अपनी प्रतिभा से देश के विभिन्न शहरों में आयोजित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में कई पुरस्कार अपने नाम किए हैं। कुलपति डॉ एचसी शर्मा और दोनों कॉलेज के डीन ने सभी विजेताओं को बधाई दी।
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हाल ही में शिमला में आयोजित साइंस कांग्रेस में नौणी विवि के पुष्प एवं स्थल वास्तुकला विभाग की संकाय डॉ. भारती कश्यप ने ओरल प्रेजेंटेशन में इनोवेशन थीम में प्रथम स्थान हासिल किया।
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उन्होंने हिमाचल के जंगली फूलों को सुखाकर उनका मूल्यवर्द्धन के लिए उपयोग विषय पर अपने शोध कार्य को प्रस्तुत किया। इसमें उनके विभाग के डॉ. वाईसी गुप्ता और मीनाक्षी शर्मा भी शामिल रहे हैं।
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जैव प्रौद्योगिकी विभाग की डॉ. निवेदिता शर्मा और विजय कुमार को भी इसी कॉन्फ्रेंस में मध्य पहाड़ी क्षेत्र में बीज अंकुरण और गेहूं पर उनके द्वारा किए शोध कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार मिला। पर्यावरण विज्ञान विभाग के दो पूर्व छात्रों को भी विश्वविद्यालय में किए गए अनुसंधान कार्य के लिए साइंस कांग्रेस में पुरस्कार मिला।
विश्वविद्यालय से पीएचडी कर चुके डॉ. हुकम चंद ने हिमाचल प्रदेश में सेब की फसल पर जलवायु परिवर्तन, शमन और प्रभाव पर किए गए काम के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार जीता।
प्रियंका शर्मा ने सोलन जिले में फूलगोभी की खेती में कीट पर मौसम संबंधी मापदंडों का प्रभाव पर ओरल प्रस्तुति दी और पहला पुरस्कार हासिल किया।
पादप रोग विज्ञान विभाग के पीएचडी छात्र गुरविंदर सिंह ने जम्मू में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी और भारतीय फाइटटैथोलॉजिकल सोसायटी (नॉर्थ जोन) मीट-2017 में नरसिमहान पुरस्कार जीता।
वहीं जयपुर में जैव संसाधन और तनाव प्रबंधन पर आयोजित तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में फूड साइंस और टेक्नालॉजी विभाग की वैज्ञानिक डॉ. मनीषा कौशल को सर्वश्रेष्ठ ओरल प्रेजेंटेशन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
डा. मनीषा ने अदरक पर आधारित कन्फेक्शनरी उत्पादों के विकास के लिए तैयार किए जाने वाले मानकीकरण पर अनुसंधान कार्य प्रस्तुत किया। उनके इस शोध कार्य में डॉ. देवीना वैद्य, आरती, रंजन कौशिक, अनिल गुप्ता और अनिल वर्मा शामिल हैं।