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नौणी विवि की शर्त से दांव पर हजारों विद्यार्थियों का भविष्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुंदरनगर (मंडी)
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:53 AM IST
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एमएससी कृषि में प्रवेश के लिए नौणी विश्वविद्यालय ने आईसीएआर एक्रिडिएशन की शर्त लगाई है। इससे प्रदेश के हजारों प्रशिक्षुओं का भविष्य दांव पर है। प्रवेश प्रक्रिया से ऐन पहले लगाई इस शर्त से अभिभावकों में भी भारी रोष है। 12 जुलाई को रजिस्ट्रार नौणी विवि के पत्र संख्या 13090 के तहत एमएससी कृषि के लिए आईसीएआर से मान्यता प्राप्त कॉलेजों से बीएससी कृषि पास होना अनिवार्य किया है।
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प्रदेश के बाहरी राज्यों से प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षु इसके लिए पात्र नहीं होंगे। हजारों छात्र अन्य राज्यों से यूजीसी से मान्यता प्राप्त कॉलेजों से बीएससी कर चुके हैं। सरकार ने इससे पहले भी कृषि प्रसार अधिकारी के पद के लिए आईसीएआर एक्रिडिएशन की शर्त लगाकर देश के यूजीसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखाया है।
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प्रदेश में मात्र दो विवि में कृषि संकाय में एमएससी है। कृषि बीएससी पास अभ्यर्थियों को एमएससी के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। नौणी और पालमपुर स्थित विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया सोमवार 16 जुलाई को शुरू होगी। 12 जुलाई को जारी एक पत्र के अनुसार प्रदेश के कृषि विभाग एमएससी के प्रवेश की पात्रता शर्त में आईसीएआर संबद्धता प्राप्त विद्यालयों से बीएससी की शर्त लगाई गई है।
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सुंदरनगर निवासी अभिभावक अखिलेश, भूपेंद्र वालिया, मंगतराम और ज्ञान चंद ने बताया कि ऐसे नियमों से बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से हस्तक्षेप कर कार्रवाई करने की मांग की है। कहा कि विभाग की इस मनमानी के विरोध में न्यायालय की भी शरण ली जाएगी।