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मांगों को लेकर बारिश में भी प्रदर्शन करते रहे युवा, पढ़ें पूरा मामला

Thu, 12 Dec 2019 06:09 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर Published by: Krishan Singh Updated Thu, 12 Dec 2019 06:09 PM IST
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Youth continued to protest even in the rain for demands at hpssc hamirpur
बारिश के बीच धरने पर बैठे युवा - फोटो : अमर उजाला

वन टाइम रिलेक्सेशन को लेकर करीब दो सप्ताह से हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे युवाओं की मुसीबतें बारिश ने बढ़ा दी हैं। प्रदर्शन के लिए लगाए गए तंबू में बारिश के पानी का रिसाव शुरू हो गया है। मजबूरी में इस तंबू के अंदर भी युवाओं को छाता लेकर बारिश से बचना पड़ा। बारिश के पानी से इन लोगों के बिस्तर भी भीग चुके हैं, लेकिन युवाओं के हौसले बुलंद हैं। गुरुवार को शुरू हुई बारिश इनके लिए मुसीबत लेकर आई। हालांकि, अपने हक के लिए लड़ रहे यह युवा बारिश में भी डटे हुए हैं। इनका कहना है कि जब तक ओटीआर नहीं मिलती चयन आयोग के बाहर धरना इसी तरह जारी रहेगा। 

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 बता दें कि जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड-556 के रिजेक्टेड अभ्यर्थी प्रदेश सरकार से ओटीआर की मांग कर रहे हैं। आरएंडपी रूल्स का हवाला देकर इन युवाओं को नौकरी से वंचित किया गया है। इनमें हायर क्वालीफिकेशन, प्राइवेट कंप्यूटर डिप्लोमा सहित अन्य युवा शामिल हैं। युवाओं का कहना है कि हाईकोर्ट ने ओटीआर देने का फैसला प्रदेश सरकार पर छोड़ रखा है। सरकार चाहे तो इन्हें वन टाइम रिलेक्सेशन देकर बचे हुए 500 से अधिक पदों पर नौकरी दे सकती है। वर्तमान में 2400 युवा इस पोस्ट कोड में हायर एजुकेशन व प्राइवेट कंप्यूटर डिप्लोमा होने के कारण रिजेक्ट किए गए हैं।
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सुजानपुर विधायक राजेंद्र राणा धरने पर बैठे युवाओं से मिले हैं। विधानसभा सत्र में भी जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के मुद्दे को रखा गया है। जब तक सरकार ओटीआर देने का निर्णय नहीं लेती यह युवा कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय के बाहर शांति पूर्वक धरने पर बैठे रहेंगे। अभ्यर्थियों सुशील चौहान, रविकांत, रोहित, सुदेश भास्कर का कहना है कि जब तक प्रदेश सरकार ओटीआर नहीं देती, हकों की लड़ाई जारी रहेगी। धरना प्रदर्शन के दौरान यदि युवाओं को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेवार प्रदेश सरकार होगी।

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