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सीएम की सख्ती के बाद मेडिकल कॉलेज को चेतावनी, एडमिशन दो वरना बंद करेंगे

Fri, 09 Sep 2016 10:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 09 Sep 2016 10:56 AM IST
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Warning To Maharishi Markandeshwar Medical College Solan.

काउंसलिंग के बाद बच्चों को स्टेट कोटे में एमबीबीएस की एडमिशन न देने वाले हिमाचल के सोलन के महर्षि मार्कंडेश्वर मेडिकल कॉलेज को स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की चेतावनी दे दी है।

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विभाग ने साफ किया है कि शुक्रवार तक अगर कालेज प्रबंधन ने एडमिशन नहीं दिया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर कुछ अभिभावकों ने एक यूनियन बनाकर कॉलेज प्रबंधन को लिखित में चेतावनी दी है कि अगर वह एडमिशन नहीं देंगे तो वह कोर्ट में कॉलेज प्रबंधन की शिकायत करेंगे।
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महर्षि मार्कंडेश्वर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का विवाद बढ़ता जा रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने वीरवार को अंतिम दिन भी एडमिशन लेटर के बावजूद एमबीबीएस के लिए स्टेट कैडर से चयनित एक भी छात्र का एडमिशन नहीं किया।
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सोलन से लेकर शिमला तक अभिभावक कॉलेज प्रबंधन और अफसरों के चक्कर लगाते रहे लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। आखिर में सीएम से कुछ अभिभावकों ने मुलाकात की, जिसके बाद सीएम ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए साफ किया कि अगर कॉलेज बच्चों को एडमिशन नहीं देता तो कॉलेज को बंद कर दिया जाएगा।

सीएम की सख्ती के बाद प्रबंधन को किया तलब

Warning To Maharishi Markandeshwar Medical College Solan.
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह

वहीं, सीएम की सख्ती के बाद प्रधान सचिव स्वास्थ्य ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को तलब कर लिया। साफ हिदायत दी कि अगर कालेज प्रबंधन ने बच्चों का एडमिशन नहीं लिया तो विभाग कानूनी कार्रवाई करेगा। प्रधान सचिव स्वास्थ्य प्रबोध सक्सेना ने बताया कि कालेज प्रबंधन को एडमिशन करने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया गया है। अगर कॉलेज प्रबंधन बच्चों को एडमिशन नहीं देता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बता दें, नीट के माध्यम से एचपीयू ने स्टेट कोटे की एमएमयू मेडिकल कॉलेज की 150 सीटों के लिए काउंसलिंग करवाकर चयनित विद्यार्थियों को अलाटमेंट लेटर जारी किए थे। लेकिन जब अभिभावकों ने कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया तो एडमिशन न देने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया गया। वीरवार को अभिभावकों ने इसकी शिकायत सीएम वीरभद्र सिंह से की। अब सीएम की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग के हरकत में आने पर अभिभावकों में उम्मीद जगी है।

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