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सूबे के कॉलेजों में इस साल से शुरू नहीं होगी वोकेशनल डिग्री

Sun, 30 Oct 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 30 Oct 2016 12:04 AM IST
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vocational degree in govt colleges of himachal pradesh

प्रदेश के 12 चयनित डिग्री कॉलेजों में कम इनरोलमेंट होने के चलते इस साल से वोकेशनल डिग्री शुरू नहीं होगी। शिक्षा विभाग की 15 अक्तूबर से कॉलेजों में बीवॉक शुरू करने की योजना थी, लेकिन कॉलेजों में नाममात्र विद्यार्थियों के आवेदन करने के चलते इस साल से डिग्री शुरू करने की योजना को धक्का लगा है। 

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40 विद्यार्थियों की संख्या होने पर ही डिग्री शुरू होनी थी। अब संभावित है कि अगले शैक्षणिक सत्र से ही बीवॉक पढ़ाया जा सकेगा। सरकार ने प्रदेश के 12 कॉलेजों में रिटेल मैनेजमेंट और हॉस्पिटेलिटी एंड टूरिज्म विषय में वोकेशनल डिग्री शुरू करने का फैसला लिया है। बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, धर्मशाला, कुल्लू, सोलन, मंडी, एक्सीलेंस कॉलेज संजौली, रामपुर, नाहन, ढलियारा और ऊना कॉलेज में वोकेशनल डिग्री की पढ़ाई करवाना प्रस्तावित है। 
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प्रदेश विश्वविद्यालय ने वोकेशनल डिग्री की प्रवेश प्रक्रिया के शेडयूल के साथ ही कोर्स का सिलेबस और फीस स्ट्रक्चर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। फीस स्ट्रक्चर के मुताबिक छात्रों को औसतन 4234 और छात्राओं को 3234 रुपये तक की फीस चुकानी होगी। इसमें छात्र को प्रवेश फीस के रूप में 50 रुपये, यूनिवर्सिटी चार्जेज के रूप में 226 के अलावा छात्र से स्किल कंपोनेंट के रूप में करीब 2680 रुपये की फीस देनी होगी। 
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इसमें छात्राओं से करीब एक हजार कम फीस रहेगी। इसमें ट्यूशन फीस नहीं होगी। एक साल में दो सेमेस्टर होंगे। तीन साल की डिग्री में छह सेमेस्टर होंगे। अगर कोई एक साल की पढ़ाई ही करता है तो उसे डिप्लोमा दिया जाएगा। दो साल की पढ़ाई करने वालों को एडवांस डिप्लोमा और तीन साल की पढ़ाई करने वालों को डिग्री दी जाएगी। 

बीवॉक करने वाले स्टूडेंट्स भी बीए, बीएससी और बीकॉम करने वालों की तरह प्रतियोगी परीक्षाएं देने के लिए पात्र होंगे। बीवॉक करने वाले स्टूडेंट्स भी केंद्र, राज्य पब्लिक सर्विस कमीशन, स्टाफ सेलेक्शन कमीशन सहित इस तरह की अन्य संस्थाओं द्वारा ली जाने वाले परीक्षाएं दे सकेंगे। 


सालाना दो लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को वोकेशनल डिग्री करने पर प्रति माह एक हजार रुपये का कौशल विकास भत्ता मिलेगा। आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा देने और नौकरी प्राप्त करने का मौका देने के लिए हिमाचल सरकार ने यह योजना शुरू की है। तीन साल की इस डिग्री के तहत पात्र विद्यार्थियों को प्रति माह एक हजार रुपये का भत्ता दिया जाएगा।

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