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प्रदेश के 25 शिक्षण संस्थानों को केंद्र सरकार का नोटिस

Tue, 14 Feb 2017 02:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 14 Feb 2017 02:33 PM IST
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union govt notice to 25 educational institutes of himachal pradesh

अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षण सर्वेक्षण के लिए निर्धारित समय तक साल 2016-17 का डाटा उपलब्ध नहीं करवाने पर प्रदेश के 25 शिक्षण संस्थानों को केंद्र सरकार ने नोटिस जारी किया है। इनमें प्रदेश के सरकारी डिग्री कॉलेज, नर्सिंग स्कूल और निजी शिक्षण संस्थान शामिल हैं। 

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केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ने नोटिस देते हुए इन शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन वर्ग को कड़ी फटकार भी लगाई है। प्रधान सचिव शिक्षा को केंद्र सरकार ने इस बाबत पत्र भेजा है। उधर, केंद्र की सख्ती के बाद सोमवार को उच्च शिक्षा निदेशक डा. बीएल बिंटा ने सभी संस्थानों को जल्द डाटा अपलोड करने के आदेश जारी किए हैं। 
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इन संस्थानों ने नहीं दी जानकारी
अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षण सर्वेक्षण के लिए डिग्री कॉलेज सिहुंता जिला चंबा, डिग्री कॉलेज लयाथ कोठी जिला चंबा, डिग्री कॉलेज धनेटा जिला हमीरपुर, डिग्री कॉलेज रे जिला कांगड़ा, डिग्री कॉलेज रक्कड़ जिला कांगड़ा, डिग्री कॉलेज मझीण जिला कांगड़ा, डिग्री कॉलेज जंडौर जिला कांगड़ा, डिग्री कॉलेज सैंज जिला कुल्लू, डिग्री कॉलेज निरमंड जिला कुल्लू, डिग्री कॉलेज कोटली जिला मंडी, डिग्री
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कॉलेज कफोटा जिला सिरमौर, डिग्री कॉलेज कंडाघाट जिला सोलन, डिग्री कॉलेज चौकी मन्यार जिला ऊना, डिग्री कॉलेज खड्ड जिला ऊना, डा. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज नाहन, कॉलेज ऑफ फार्मेसी नगरोटा बगवां जिला कांगड़ा सहित रैत जिला कांगड़ा, नग्गर जिला कुल्लू, सरोल जिला चंबा, टुटू जिला शिमला, ज्वालामुखी जिला कांगड़ा, सरकाघाट जिला मंडी, सुंदरनगर जिला मंडी, सराहां जिला सिरमौर और शामती जिला सोलन स्थित शिक्षण संस्थानों को डाटा अपलोड करने को कहा गया है।


डाटा में ये देनी होंगी जानकारियां
सर्वेक्षण के तहत उच्च शिक्षा देने वाले सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। इसके तहत हर संस्थान को अपने पास नियुक्त शिक्षकों, विद्यार्थियों की संख्या, विभिन्न उपलब्ध करवाए जा रहे प्रोग्राम्स, परीक्षा परिणाम, मूलभूत सुविधाओं, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात और प्रति विद्यार्थी पर आने वाले खर्च की जानकारी देनी होती है। इस जानकारी के आधार पर केंद्र सरकार शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए विभिन्न योजनाएं तैयार करती है।

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