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केंद्र सरकार ने आईआईटी मंडी को दिया बड़ा तोहफा

Thu, 30 Jun 2016 10:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 30 Jun 2016 10:28 AM IST
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union govt increased budget for iit mandi
आईआईटी मंडी

केंद्र सरकार ने आईआईटी मंडी को विशेष शिक्षण संस्थान और राष्ट्रीय स्तर का दर्जा दे दिया है। आईआईटी का बजट 760 करोड़ से बढ़ाकर 1466 करोड़ कर दिया है। यह बजट पूर्व की तुलना में लगभग दो गुना है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेमकुमार धूमल ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने उन्हें स्वयं फोन कर इसकी जानकारी दी है।

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स्मृति ईरानी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले का संज्ञान लेते हुए आईआईटी मंडी का बजट बढ़ाने का फैसला लिया है। इससे आने वाले समय में यह संस्थान राष्ट्र के प्रमुख आईआईटीज में शामिल हो जाएगा। धूमल ने कहा कि आईआईटी मंडी का कार्य साल 2008 में शुरू हुआ था।
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उस समय इसका प्रस्तावित बजट 760 करोड़ था, लेकिन यूपीए सरकार द्वारा बजट का सही आंकलन नहीं होने की वजह से आईआईटी मंडी के विस्तारीकरण की योजनाओं में धन की कमी आड़े आ रही थी। इस वजह से संस्थान के निर्माण कार्य रुके थे।

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हिमाचल दौरे पर दी थी स्मृति ईरानी को जानकारी

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आईआईटी मंडी

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के हिमाचल दौरे के दौरान उन्हें अवगत करवाया गया था, जिस पर उन्होंने यथासंभव प्रयत्न करने का भरोसा दिया था। कहा कि प्रदेश के प्रति इस विशेष उपहार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी बधाई की पात्र हैं।

कहा कि प्रदेश के कांग्रेस नेता हमेशा आरोप लगाते रहे हैं कि एनडीए सरकार धन देने में कोताही बरत रही है। वास्तविकता यह है कि एनडीए सरकार के इन दो वर्षों में प्रदेश के विकास के लिए जो आर्थिक सहयोग मिल रहा है, वह अभूतपूर्व है। आज कमी केंद्र सरकार की नहीं।

बल्कि सरकार की है जो अपने निकम्मेपन की वजह से अधिक से अधिक योजनाओं की डीपीआर समय पर केंद्र को नहीं भेज पा रही है। डीपीआर के अभाव में जो पैसा प्रदेश को मिलना चाहिए था वह प्रदेश सरकार ला पाने में नाकाम साबित हो रही है। अपनी इस नाकामी के लिए प्रदेश सरकार को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

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