फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   This process will be online for BEd from HPU this year

एचपीयू से बीएड के लिए इस बार ऑनलाइन होगी प्रवेश प्रक्रिया

Sat, 15 Jun 2019 12:54 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 15 Jun 2019 12:54 PM IST
विज्ञापन
This process will be online for BEd from HPU this year

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय जुलाई से ऑनलाइन सिस्टम लागू करने जा रहा है। प्रवेश से लेकर माइग्रेशन तक का सारा काम ऑनलाइन हो जाएगा। पहली जुलाई के बाद विश्वविद्यालय में कोई भी लेन देन नकद नहीं होगा।

विज्ञापन


इस बार बीएड की सारी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। इसके लिए केंद्रीयकृत ऑनलाइन सिस्टम यूनिवर्सिटी में तैयार किया जा रहा है। छात्रों को सिर्फ अपनी इच्छानुसार बीएड कॉलेज चिन्ह्ति करने होंगे।
विज्ञापन


इसके बाद ऑनलाइन प्रवेश उनकी पसंद के बीएड कॉलेज में हो जाएगा। इससे छात्रों के आने जाने का समय और पैसों की बचत होगी। कुलपति ने कहा कि एक जुलाई के बाद ऑनलाइन भुगतान पर खुद ही रसीद जनरेट हो जाएगा। विवि वेबसाइट के होमपेज पर इसकी जानकारी प्राप्त होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

पेमेंट गेटवे से जुड़ेंगे कॉलेज 

एचपी यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को ईआरपी प्रणाली की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति आचार्य सिकंदर कुमार ने कहा कि ईआरपी से महाविद्यालयों के लिए पेमेंट गेटवे जोड़े जाने की योजना है। इससे महाविद्यालयों को संबद्धता आदि के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के लेन देन में दिक्कत नहीं होगी।

पहले चरण में प्री एडमिशन, फीस प्रबंधन, प्रवेश एवं अकादमिक, पूर्व परीक्षा मॉड्यूल, परीक्षा प्रबंधन, रिजल्ट, सेल्फ सर्विस पोर्टल फोर स्टूडेंट्स, संबंद्घता प्रबंधन, छात्रावास और मैस प्रबंधन, प्लेसमेंट, पूर्व छात्र प्रबंधन, वित्त अकाउंटिंग, बजट, भर्ती, पे रोल, जीपीएफ  और पैंशन, अवकाश प्रबंधन और कर्मचारियों के लिए सेल्फ सर्विस पोर्टल को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। इन पोर्टल में समय समय पर सामने आई खामियाें को दूर किया गया है और उसमें और सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। 

दूसरे चरण में ये सेवाएं होंगी ऑनलाइन
कुलपति ने कहा कि दूसरे चरण में रिसर्च प्रोजेक्ट, भंडार और खरीद, एस्टेट, टुअर और ट्रैवल, बिल ट्रैकिंग, आरटीआई, परिवहन, चिकित्सा, दीक्षांत समारोह, अतिथि गृह, फाइल ट्रैकिंग सिस्टम, विपत्ति प्रबंधन, विधि सैल, ज्ञान प्रबंधन पोर्टल को एक जुलाई से शुरू कर दिया जाएगा। इससे फाइलों की मॉनिटरिंग के साथ साथ विभागीय स्तर पर तालमेल बनाने में सहयोग मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed