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डीएलएड में घटा युवाओं का रुझान, खाली रह गईं सीटें
Wed, 22 Jan 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
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Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 22 Jan 2020 05:00 AM IST
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डीएलएड की सीटों में 50 फीसदी कटौती के बाद भी निजी शिक्षण संस्थानों में सीटें खाली रह गई हैं। अब स्कूल शिक्षा बोर्ड निजी शिक्षण संस्थान की खाली सीटों को भरने के लिए तीसरे चरण की कांउसलिंग करने जा रहा है। निजी शिक्षण संस्थानों की सीटें खाली रहने का कारण पूर्व में जेबीटी और डीएलएड पास युवाओं को नौकरी न मिलना बताया जा रहा है।
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बोर्ड यह बताकर पल्ला झाड़ रहा है कि डीएलएड की सीटें प्रारंभिक शिक्षा विभाग तय करता है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने इस बार डीएलएड की सरकारी सहित निजी शिक्षण संस्थानों की सीटों में 50 प्रतिशत कटौती की है। डीएलएड के नए सत्र 2019-20 में प्रदेश की 12 जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में 900 और निजी संस्थानों में 1550 सीटों के लिए काउंसलिंग दो चरणों में हुई।
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डाइट की 900 सीटें तो भर गई, लेकिन निजी शिक्षण संस्थानों में दो चरण की कांउसलिंग के बाद सीटें खाली रह गई। स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि डीएलएड के निजी शिक्षण संस्थानों के लिए तीसरे चरण की कांउसलिंग 28 और 29 जनवरी को होगी। इसके लिए अभ्यर्थियों की सूची बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। साथ ही वेबसाइट पर बायोडाटा फार्म भी उपलब्ध है।
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