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टीजीटी हिंदी एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मिलकर उठाई ये मांग

Sun, 01 Apr 2018 12:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कुल्लू
अमर उजाला ब्यूरो, कुल्लू Updated Sun, 01 Apr 2018 12:39 PM IST
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tgt hindi association called on education minister suresh bhardwaj

टीजीटी हिंदी एसोसिएशन को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया है। टीजीटी हिंदी पदनाम की मांग को लेकर टीजीटी हिंदी एसोसिएशन का राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री राजीव सैजल की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिला। 

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शनिवार को कुल्लू में टीजीटी हिंदी एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक राज भाटिया ने बताया कि विधानसभा शिमला में हुई मुलाकात में शिक्षा मंत्री ने इस मुद्दे पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि पूर्व सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून प्रदेश में लागू नहीं किया। 
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जिससे शिक्षा विभाग में कई प्रकार की समस्या पैदा हुई। प्रशिक्षित होने के बावजूद भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम से वंचित रखना अध्यापकों सहित यह हिंदी भाषा का सरासर अपमान है। उन्होंने बताया कि टीजीटी पदनाम को लेकर ड्राफ्ट तैयार हो रहा है। 

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शिक्षा का अधिकार कानून पूरी तरह से लागू करें

tgt hindi association called on education minister suresh bhardwaj

जिलों से प्रशिक्षित भाषा अध्यापकों को सूची मांगी है। सात जिलों से सूची आनी बाकी है। इससे पहले एसोसिएशन की राज्य कार्यकारिणी ने सैजल को भी मांगपत्र सौंपा।

राज्य कार्यकारिणी में राज भाटिया, शिव देव, ज्ञान चंद, नरेश कुमार, कमल, राकेश, खुशवंत और विश्वनाथ शामिल रहे। कार्यकारिणी के प्रदेश संयोजक राज भाटिया ने कहा कि प्रशिक्षित होने के बावजूद भाषा अध्यापकों को पदनाम नहीं देना न्यायसंगत नहीं है।

भाषा अध्यापक भर्ती एवं पदोन्नति नियम पूरे करते हैं। बीएड और टेट की योग्यता रखते हुए भी अप्रशिक्षित हैं। संगठन की सिर्फ टीजीटी पदनाम की मांग है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि शिक्षा विभाग में शिक्षा का अधिकार कानून पूरी तरह से लागू करें।

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