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बीएएमएस की प्रेक्टिस से पहले पास करना होगा एग्जिट टेस्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, बैजनाथ (कांगड़ा)
Updated Sat, 28 Oct 2017 12:54 PM IST
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बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसन एंड सर्जरी) की डिग्री हासिल करने वाले छात्रों को अब प्रेक्टिस से पूर्व अपने आप को सिद्ध करने के लिए एग्जिट टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था अगले साल से लागू होने जा रही है। इस बात का खुलासा केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा ने किया।
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वह राजीव गांधी आयुर्वेदिक स्नात्तकोतर शिक्षण संस्थान पपरोला में जीर्ण व्याधियां विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि 12 वर्ष पूर्व दवाइयों पर शोध होते रहे हैं जबकि आज यह विषय बदल गया है। आज अन्य बीमारियों पर शोध को प्राथमिकता दी जा रही है।
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कोटेचा ने कहा कि केंद्र सरकार देश के हर जिले में 50 बिस्तरों के आयुर्वेदिक अस्पताल की स्थापना करने जा रही है। प्रदेश सरकार इस संबंध में प्रस्ताव भेजती है तो उसके लिए धन उपलब्ध करवाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि पपरोला आयुर्वेद शिक्षण संस्थान में एनआईए (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा) का दर्जा प्राप्त करने की क्षमता है। कहा कि आयुर्वेद चिकित्सक अपने आप को वैद्य कहने से परहेज करते हैं लेकिन यह पदवी चिकित्सक से ऊपर की है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और केरल में आयुर्वेद पर सबसे बढ़िया काम हो रहा है। संगोष्ठी में प्रदेश के आयुर्वेद निदेशक डा. आरके परुथी ने महकमे की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति डा. अशोक सरियाल,
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर के निदेशक डा. संजीव शर्मा व प्रिंसिपल डा. वाईके शर्मा ने संगोष्ठी को भी संबोधित किया। इस मौके पर मनोज नेसरी सलाहकार भारत सरकार आयुर्वेद, बैजनाथ के एसडीएम डा. मुरारी, डा. एसके शर्मा, ओएसडी दिनेश आदि उपस्थित रहे ।
190 शोधपत्र पढ़े जाएंगे
आयुर्वेद स्नातकोत्तर कॉलेज पपरोला में दो दिवसीय संगोष्ठी में हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त 16 राज्यों के शोधकर्ता 190 शोधपत्र पढ़ेंगे। 28 अक्तूबर को आयुर्वेद से संबंधित विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता करवाई जाएगी।