हिमाचल में एमबीए के पाठ्यक्रम में बदलाव करेगा तकनीकी विवि
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एमबीए के पाठ्यक्रम में बदलाव होने जा रहा है। विभाग में अप्रचलित (आउटडेटिड) पाठ्यक्रम को इसी साल नए शैक्षणिक सत्र से हटाया जाएगा। पुराने अप्रचलित पाठ्यक्रम को हटाने की कवायद लंबे समय से चल रही थी।
प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के हमीरपुर कैंपस में बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में विषय विशेषज्ञों ने पुराने अप्रचलित पाठ्यक्रमों को हटाने के बारे में निर्णय लिया है।
विशेषज्ञों ने बताया कि देश और विदेश में विभिन्न उद्योगों में वर्तमान मांग के अनुरूप प्रशिक्षित स्टाफ की डिमांड आए दिन बढ़ रही है। केंद्र सरकार ने विभिन्न प्रकार के टैक्सों में कई बदलाव किए हैं।
जीएसटी समेत कई तरह के बदलाव होने से बाजार की आर्थिक बदलाव सामने आए हैं। जिसके चलते पुराने पाठ्यक्रमों से उद्योगों की डिमांड पूरी नहीं हो रही।
पाठ्यक्रम में बदलाव समय की जरूरत है। इसी को आधार मानते हुए बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से एमबीए के पाठ्यक्रम में बदलाव किए।
विवि कैंपस में विवि के कुलपति डॉ. एसपी बंसल की देखरेख में फिजिक्स, एमबीए, पर्यावरण विज्ञान, योगा, पत्रकारिता, आर्किटेक्चर और कंप्यूटर साइंस विभाग समेत सात बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकें हुईं।
उधर, डीन अकादमिक डॉ. कुलभूषण चंदेल ने कहा कि मंगलवार को बोर्ड ऑफ स्टडीज की सात बैठकें कुलपति डॉ. एसपी बंसल की देखरेख में हुईं। एमबीए के पाठयक्रमों में बलदाव और लैब की स्थापना बारे बैठक में प्रस्ताव पारित हुए।
इस बैठक में डीन प्लानिंग डॉ. विनय चौहान, स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर के हेड डॉ. सतीश कटवाल, डॉ. वीर सिंह रांगड़ा, डॉ. अरविंद भट्ट, डॉ. चंद्रमोहन परशिरा, प्रो. प्रशांत, प्रो. निशांत और प्रो अर्पिता नेगी समेत अन्य बोर्ड सदस्य मौजूद रहे।
चार नईं प्रयोगशालाएं बनेंगी
बैठक में तकनीकी विवि के कैंपस में चार विभिन्न प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय भी लिया। विवि के नवनिर्मित कैंपस दडूही में फिजिक्स विभाग, पर्यावरण विज्ञान विभाग, कंप्यूटर साइंस और एमसीए विभाग की प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। लैब स्थापित करने के लिए आधारभूत ढांचा और अन्य तमाम तरह की जरूरतों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही आगामी बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकों में औद्योगिक इकाइयों के विशेषज्ञों को भी बुलाने पर चर्चा हुई।