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हिमाचल के हजारों शिक्षकों के नियमितीकरण का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर की ये याचिका

Tue, 20 Mar 2018 11:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Tue, 20 Mar 2018 11:29 AM IST
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supreme court accepts petition in pat para and pta teachers case

हिमाचल के हजारों शिक्षकों के नियमितीकरण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका मंजूर कर ली है।प्रदेश के पैट, पैरा और पीटीए शिक्षकों के नियमितीकरण से जुड़े मामले में सुप्रीमकोर्ट ने पंकज कुमार की याचिका मंजूर कर ली है। पंकज कुमार ने प्रदेश सरकार के खिलाफ  केस वापस लेने के लिए 13 फरवरी को याचिका दायर की थी।

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सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीश संजय किशन कौल ने सिविल अपील 2812/2017 पर सुनवाई करते हुए इसे मंजूरी दे दी। उधर, अभी पैट, पैरा और पीटीए शिक्षकों के नियमितीकरण मामले में सुप्रीमकोर्ट का कोई फैसला नहीं आया है। इसके लिए कोर्ट के आगामी आदेशों का इंतजार करना होगा।
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वर्ष 2011 में पंकज कुमार ने अस्थायी नियुक्तियों के खिलाफ  हिमाचल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में हिमाचल सरकार के साथ-साथ ग्रामीण विद्या उपासक, पैरा अध्यापक, पीटीए और पैट अध्यापकों को पार्टी बनाया गया था। अक्तूबर 2013 में हाईकोर्ट ने पैरा अध्यापकों के नियमितीकरण, पीटीए को अनुबंध और पैट को नियमित करने के कैबिनेट के फैसले पर रोक लगा दी थी।

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यहां जानिए पूरा मामला

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साथ ही तीन और मामले जुड़ गए थे। इसमें राजेश कुमार, चंद्रमोहन नेगी और शिखा कुशल कुमारी ने भी याचिका दायर की थी। 9 दिसंबर, 2014 को हाईकोर्ट से इन अध्यापकों के पक्ष में फैसला आया था। 18 दिसंबर, 2014 को पैरा अध्यापकों को नियमित करने की अधिसूचना जारी हुई।

पीटीए को अनुबंध पर लाया गया। इसके बाद पंकज कुमार ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए जनवरी 2015 में सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पैरा टीचरों में राममूर्ति शर्मा और पीटीए अध्यापकों में विवेक मेहता ने सुप्रीमकोर्ट में पहले ही कैविट दायर कर दी थी।

22 जनवरी, 2015 को सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीश विक्रमजीत सेन और न्यायाधीश सी नागाप्न की डबल बेंच ने इस मामले में कैविट के आधार पर हिमाचल सरकार को यथास्थिति के आदेश दिए थे। 13 फरवरी, 2015 को पंकज कुमार व अन्य तीन के केस को सिविल अपील में तबदील कर दिया था।

 

शिक्षकों को जल्द नियमित करने की मांग

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साथ ही अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा था कि भविष्य में हिमाचल सरकार सभी को नौकरी के समान अवसर के आधार पर नियुक्तियां करे।प्रदेश पीटीए शिक्षक संघर्ष मंच के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष दिनेश पटियाल ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट में पीटीए अध्यापकों की सेवाओं के खिलाफ पंकज कुमार बनाम हिमाचल सरकार मामला वापस लेने से यह केस अब अधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है।

याचिकाकर्ता पंकज कुमार द्वारा पीटीए अध्यापकों की सेवाओं को चुनौती देने के मामले को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से शिक्षकों को जल्द नियमित करने की मांग की है। संघर्ष मंच ने उम्मीद जताते हुए कहा कि अब कानूनन कोई भी बाधा इस वर्ग के खिलाफ  नहीं है। 

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