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एचपीयू के दावे फेल; परीक्षा परिणाम के लिए भटक रहे छात्र

Thu, 18 Jul 2019 09:28 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 18 Jul 2019 09:28 PM IST
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students wander for result in hpu shimla

प्रदेश विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली और ऑनलाइन सिस्टम प्रदेश भर के हजारों यूजी छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ रहा है। यूजी के छठे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित किए एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक भारी संख्या में यूजी छात्र-छात्राओं के छठे सेमेस्टर के परिणाम लटके हुए हैं। जिन्हें विश्वविद्यालय सेटल ही नहीं कर पा रहा है।

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विश्वविद्यालय के पीजी कोर्स की हुई काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सभी पीजी कोर्स की प्रवेश मेरिट भी लटकी हुई है। पिछले परिणाम के घोषित न होने से प्रदेश के बाहर के विश्वविद्यालयों और संस्थानों में प्रवेश को काउंसलिंग में अपीयर हुए सैकड़ों छात्र नतीजे सेटल और घोषित न होने के कारण प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। रोजाना प्रदेश के चंबा, ऊना, मंडी, पालमपुर, मंडी सहित सभी जिलों से यूजी छात्र छात्राएं विवि के चक्कर काट रहे हैं। 
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एसएफआई नेताओं का कहना है कि एचपीयू अपने ही पीजी कोर्स की काउंसलिंग में मेरिट आधार पर अपीयर हुए छात्रों के यूजी के नतीजे अब तक घोषित नहीं कर पाया है। इनमें आर्ट्स के छह विभागों के 50 से अधिक छात्रों के यूजी छठे सेमेस्टर के परिणाम घोषित नहीं हुए हैं। विधि विभाग के 50, एमबीए के 15, सायकोलॉजी के 3, एमएचआरडी के 5, साइंस में फिजिक्स के 12, गणित के 7,एमबीए आरडी के 26, केमिस्ट्री के 22 काउंसलिंग में अपीयर हुए अभ्यर्थियों के नतीजे सेटल कर घोषित नहीं हुए हैं।
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इधर, विवि के अधिष्ठाता अध्ययन ने 19 जुलाई से पूर्व पीजी काउंसलिंग में अपीयर हुए सभी छात्र छात्राओं के यूजी के रिजल्ट सेटल कर घोषित करने का दावा किया था। 19 जुलाई को सभी पीजी कोर्स प्रवेश की मेरिट जारी करने की समय सीमा दी है। मौजूदा स्थिति यह है कि अभी भी छात्र विभाग और परीक्षा विंग के कंप्यूटर सेंटरों में प्रदेश भर से आ कर धक्के खाने को मजबूर हैं।  

एसएफआई ने कुलपति को बताई समस्या, आंदोलन की चेतावनी 

प्रदेश भर के इन तमाम छात्र छात्राओं की मुख्य समस्या का हल निकालने की मांग को लेकर गुरुवार को एसएफआई छात्र संगठन नेताओं का प्रतिनिधिमंडल कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार से मिला। इकाई अध्यक्ष विक्रम, राज्य सचिव अमित की अगुवाई में मिले छात्र नेताओं ने कुलपति को मांग पत्र सौंपा और समस्या का हल कर, यूजी के लटके नतीजे घोषित करने, पीजी काउंसलिंग का परिणाम घोषित करने की मांग की।  जल्द नतीजे घोषित न करने पर आंदोलन करने की भी एसएफआई ने चेतावनी दी है। 

एसएफआई ने ये मांगें भी उठाई 
जब तक छात्रावास आवंटन नहीं होता, तब तक छात्रों को गेस्ट के रूप में छात्रावास में ठहरने की अनुमति दी जाए। गेस्ट फीस कम कर 80 रुपये करने,  कन्या छात्रावासों में इंटर हास्टल आउटिंग दस बजे तक करने, ब्वॉयज हास्टल में दस बजे के बाद एंट्री की अनुमति देने की मांग भी उठाई। नेताओं ने विवि में आउटसोर्स भर्ती न कर स्थायी भर्ती किए जाने, पीएचडी प्रवेश में हुई गड़बड़ी की जांच करने, विवि से निष्कासित छात्र छात्राओं के निष्कासन को ईसी के फैसले के मुताबिक वापस लेने जैसी मंागें भी उठाई। इसके अलावा एससीए चुनाव बहाल करने, परिसर में जायज मांगों को लेकर धरने प्रदर्शन करने की इजाजत दिए जाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। 

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