यहां पीजी कोर्सों में प्रवेश के बाद ही मिलेंगे हॉस्टल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूजी कक्षाओं का परिणाम लटकने से एचपीयू में पीजी कोर्सों में प्रवेश के लिए मेरिट घोषित करने में देरी हुई है। इससे विवि के छात्रावासों के आवंटन की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। छात्रावास के लिए आवेदन की तारीख दो बार बदली जा चुकी है।
पहले यह 15 जुलाई थी। इसे बाद में 23 जुलाई किया गया, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया पूरी न होने के कारण हॉस्टल के आवेदन की तारीख अभी भी तय नहीं हो पाई है। विभिन्न विभागों में पीजी में प्रवेश की प्रक्रिया के बाद ही छात्रावास के लिए आवेदन किए जा सकेंगे।
पीजी कोर्स में प्रवेश के बाद 14 छात्रावासों में सिर्फ 580 सीटें ही खाली मिलेंगी। इनका आवंटन किया जाना है। बाकी कंटीन्यूशन हो चुका है। आवेदनकर्ता को शपथपत्र के साथ अभिभावक के हस्ताक्षर सहित उनका मोबाइल नंबर देना होगा।
विवि के अधिष्ठाता अध्ययन के मुताबिक 31 जुलाई तक पीजी कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी है। इससे जाहिर है कि छात्रावास को अगस्त के पहले सप्ताह में ही मेरिट के आधार पर छात्रावास का आवंटन हो सकेगा।
14 हॉस्टल में 580 सीटों का होगा आवंटन : प्रो. नयन
विवि के चीफ वार्डन प्रो. नयन सिंह ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही छात्रावास में खाली सीटों का आवंटन होगा। 14 छात्रावासों में 580 सीटों का आवंटन किया जाएगा।
छात्र-छात्रा के 70:30 के अनुपात और विभागों में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर तय होता है कि किस विभाग को छात्रावास में कितनी सीटें आवंटन किया जाना है। यह मेरिट के आधार पर तय होता है।
विश्वविद्यालय में वर्तमान में 14 छात्रावास हैं। इनमें छात्रों के छात्रावास में 593 और छात्राओं के 10 छात्रावासों में 1081 छात्राओं के ठहरने की व्यवस्था है। विवि के पास इन 14 छात्रावासों में 1674 सीटें ही उपलब्ध हैं।