छेड़छाड़ कर बदल दी यूजी की डेटशीट, असमंजस में पड़े विद्यार्थी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से जारी यूजी की संशोधित डेटशीट में टेंपरिंग कर वायरल करने का मामला सामने आया है। इससे विद्यार्थी भी असमंजस में पड़ गए है। विवि प्रशासन ने इस संबंध में पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है।
प्रदेश में विस चुनाव के चलते एचपीयू ने यूजी की डेटशीट में बदलाव किया है। इसमें शातिरों ने छेड़छाड़ कर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। इससे यूजी की परीक्षा देने वाले करीब डेढ़ लाख छात्र भी प्रभावित हुए।
उन्हीं में से एक ने जब सीईओ को फोन कर पूछा तो सारे मामले का पता चला। एचपीयू ने यूजी की परीक्षा दे रहे प्रदेश भर के करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं को आगाह किया है कि वे परीक्षा की तिथियों से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल हुई किसी भी तरह की जानकारी पर यकीन न करें।
बदली गई परीक्षा तिथियों की सही जानकारी के लिए छात्र एचपीयू की आफिशियल वेबसाइट पर 26 अक्तूबर को जारी संशोधित डेटशीट को ही देखें। विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि चुनाव के कारण बदली गई परीक्षा तिथियों की डेटशीट वेबसाइट www.hpuniv.in, www.hpuniv.nic.in पर उपलब्ध है।
इसमें किसी भी परीक्षा को प्री पोन नहीं किया गया है। इसलिए छात्र वायरल हुई परीक्षा तिथि से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी को लेकर गुमराह न हो।
पहली बार हुई ऐसी घटना
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अब तक के इतिहास में यह पहला मौका है कि वेबसाइट पर दी गई जानकारी से छेड़खानी कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया हो। यह मामला चूंकि प्रदेश भर के कॉलेजों में यूजी कोर्स में पढ़ रहे डेढ़ लाख से अधिक छात्रों से जुड़ा है, तो विवि ने इसे गंभीरता से लिया है।
विवि के कुलसचिव प्रो. एसएस नारटा ने माना कि डेटशीट के साथ हुई टेंपरिंग और गलत डेटशीट वायरल किए जाने पर विवि साइबर क्राइम के तहत पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई है।
परीक्षा कें द्रों के वरिष्ठ परीक्षा केंद्र अधीक्षक को किया आगाह
सोशल मीडिया पर गलत प्रचारित परीक्षा तिथियों के कारण कहीं कोई यूजी का प्रश्नपत्र गलत तिथि को किसी परीक्षा केंद्र में न खुले और लीक न हो, इसके लिए विवि परीक्षा नियंत्रक की ओर से सभी परीक्षा केंद्रों के अधीक्षकों को ई-मेल से जानकारी दी गई है। बाकायदा वेबसाइट पर इस छेड़खानी से संबंधित दिशा-निर्देश देकर आगाह किया है। इसमें अधीक्षकों से कहा गया है कि वे विवि की वेबसाइट की डेटशीट को ही सही मानकर परीक्षा संचालित करें।
ऐसे की गई है टेंपरिंग
शरारती तत्वों ने संशोधित डेटशीट को अपलोड कर आठ नवंबर की परीक्षा को प्री पोन कर 4 नवंबर, 9 नवंबर की परीक्षा को पांच और आठ नवंबर, दस नवंबर की परीक्षा को एक नवंबर प्री पोन किया है।
छेड़खानी इतनी होशियारी से की गई है कि तिथि लिखने में इस्तेमाल फोंट साइज तक को वही रखा गया है। वायरल हुए दो पेज में एक दर्जन से अधिक परीक्षा तिथियों के साथ छेड़खानी की गई है।
सीओई को आए फोन के बाद हुआ खुलासा
किसी छात्र ने विवि के सीओई को फोन कर जब पूछा कि यूजी परीक्षा की तिथियों में फिर से बदलाव किया गया है या नहीं, इस पर विवि प्रशासन सक्रिय हुआ। वायरल मैसेज मंगवाकर इसकी अपने स्तर पर छानबीन की। इसमें पाया गया कि कई तिथियां बदलकर इसे वायरल किया गया है।