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हिमाचल में यहां खुलेगा कौशल विकास विश्वविद्यालय, बैठक में जाएगा प्रस्ताव

Fri, 29 Jun 2018 12:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 29 Jun 2018 12:57 PM IST
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Skill development university in Kala Amb Sirmour Himachal Pradesh

हिमाचल में मेडिकल विश्वविद्यालय और खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने का एलान कर चुकी जयराम सरकार अब कौशल विकास विश्वविद्यालय खोलने की तैयारी कर रही है। सिरमौर के कालाअंब में केंद्र सरकार के स्किल इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया अभियान के तहत शिक्षा विभाग कौशल विकास विवि का प्रस्ताव बना रहा है।

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इसके लिए राजस्थान का मॉडल स्टडी किया जा रहा है। ऐसा विश्वविद्यालय कालाअंब में खोलने की घोषणा पूर्व कांग्रेस सरकार ने भी की थी, लेकिन इस पर कोई काम शुरू नहीं हो सका। बीते 26 जून को कैबिनेट की बैठक में विश्वविद्यालय को लेकर प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन सरकार ने विस्तृत प्लान बनाने का आदेश देते हुए आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में विस्तृत प्रस्ताव लाने को कहा है।
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कौशल विकास विश्वविद्यालय के माध्यम से तकनीकी शिक्षा पर जोर देते हुए आईटीआई से पीएचडी तक की तकनीकी शिक्षा देने की योजना है। कैबिनेट यह भी तय करेगी कि विश्वविद्यालय सरकारी क्षेत्र में खोला जाए या निजी क्षेत्र में। प्रस्ताव के तहत औद्योगिक इकाइयों की आवश्यकता के अनुसार ट्रेड शुरू होंगे।
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इससे युवाओं को देश-विदेश में रोजगार की संभावनाएं होंगी। शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया है कि प्रस्ताव जल्द सरकार को सौंपा जाएगा। कौन-कौन से ट्रेड शुरू होंगे? प्रदेश भर में इसका विस्तार कैसे होगा, इसको लेकर प्रारूप तैयार होगा।

राजस्थान, हरियाणा में खुले हैं ऐसे विवि- राजस्थान और हरियाणा में कौशल विकास विश्वविद्यालय खोले गए हैं। दोनों राज्यों में नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क और उद्योगों के सहयोग से वोकेशनल शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा है।

लैप्स हो सकते हैं 27 करोड़

Skill development university in Kala Amb Sirmour Himachal Pradesh

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी में बनाए जाने वाले प्रदेश के पहले क्लस्टर विश्वविद्यालय को जारी 27 करोड़ की पहली किस्त केंद्र सरकार वापस ले सकती है। केंद्र ने सितंबर महीने तक रूसा वन के तहत जारी की गई राशि को खर्च करने का अल्टीमेटम दिया है।

वीरवार को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश सरकार को इस बाबत चेताया है। हिमाचल की ओर से रूसा की स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर उमा वर्मा और कोआर्डिनेटर गोपाल संधाईक वीडियो कांफ्रेंस के दौरान मौजूद रहे।

एक साल पहले केंद्र सरकार ने क्लस्टर विश्वविद्यालय के लिए 27 करोड़ का बजट जारी किया था लेकिन अभी तक निर्माण कार्य के टेंडर तक जारी नहीं हुए हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से इस राशि को संबंधित कॉलेजों को दे दिया गया है। संबंधित कॉलेजों ने लोक निर्माण विभाग को राशि जारी की है लेकिन लोक निर्माण विभाग ने अभी तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की है।

विभागीय लापरवाही के चलते अब इस बजट के लैप्स होने का खतरा बन गया है। वीरवार को वीडियो कांफ्रेंस के दौरान केंद्रीय सचिव ने इस बजट को खर्च करने के लिए राज्य सरकार को सितंबर तक की मोहलत दी है। इसके अलावा अन्य कॉलेजों को भी रूसा वन के तहत जारी बजट भी खर्च करने के आदेश दिए हैं।

क्लस्टर विश्वविद्यालय के तहत मंडी कॉलेज को लीड कॉलेज बनाया गया है। मंडी के अलावा सुंदरनगर, द्रंग और बासा कॉलेज को शामिल किया गया है। इन चारों कॉलेजों में विभिन्न नए कोर्स शुरू किए जाने हैं। मंडी को 16 करोड़ और द्रंग व बासा कॉलेज को साढ़े पांच-साढ़े पांच करोड़ रुपये जारी हुए हैं। 

चंबा के मॉडल कॉलेज का जुलाई में होगा शुभारंभ- जिला चंबा के लिल्ह कोठी में बनाए जाने वाले मॉडल कॉलेज का जुलाई महीने में ऑनलाइन शुभारंभ होगा। वीडियो कांफ्रेंस के दौरान केंद्रीय सचिव ने मॉडल कॉलेज से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी करने के आदेश दिए। मॉडल कॉलेज बनाए जाने वाले लिल्ह कोठी कॉलेज में सभी संकाय की कक्षाएं शुरू की जानी हैं। इसके अलावा बड़ा परिसर तैयार किया जाना है।

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