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एचपीयू में लहराए काले झंडे, आधे रास्ते से घर लौटे वीसी

Mon, 20 Jun 2016 10:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 20 Jun 2016 10:53 AM IST
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sfi protest in hpu
मांगों के समर्थन में धरना देते एसएफआई छात्र। - फोटो : अमर उजाला

विश्वविद्यालय में आंदोलनरत एसएफआई ने समरहिल चौक से लेकर कुलपति कार्यालय तक काले झंडे लेकर विरोध रैली निकाली। संगठन कुलपति को काले झंडे दिखानी चाहती थी, लेकिन कुलपति को इसकी जानकारी मिल गई और वे आधे रास्ते से ही वापस हो गए। इस पर भड़के कार्यकर्ताओं ने वीसी के खिलाफ हल्ला बोल दिया।

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कुलपति कार्यालय के बाहर करीब आधा घंटा कार्यकर्ता प्रदर्शन करते रहे। कॉलेज झंडे हाथ में थामे पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कुलपति और प्रदेश सरकार के  खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुलपति कार्यालय के बाहर हुई एसएफआई की विरोध रैली को संबोधित
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करते हुए संगठन नेताओं ने कहा कि कुलपति विरोध का पता लगते ही चौड़ा मैदान से ही वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि कुलपति दो माह से अधिक समय से अनशन कर रहे छात्रों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
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इकाई अध्यक्ष नोवल ने कहा कि कुलपति स्वयं बातचीत करने के बजाय डीएस और डीएसडब्लू को मोहरा बनाकर बार बार बातचीत के लिए भेज रहे हैं, जबकि जो बड़े फै सले मांगों पर होने हैं, वे कुलपति को स्वयं ही लेने हैं। बैठकों में अधिकारियों की

सहमति बनती है, मगर बात में कुलपति के इशारे पर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। इकाई सचिव विपिन ने कहा कि कुलपति मामले को गंभीरता से ले अब छात्रों का सब्र का बांध कभी भी टूट सकता है, जिसका खामियाजा वे भुगतने को भी तैयार रहे।

विवि से आंदोलन का नहीं लेना देना: वीसी

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मांगों के समर्थन में धरना देते एसएफआई छात्र। - फोटो : अमर उजाला

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी  ने कहा कि एसएफआई की ओर से रास्ता रोकने और घेराव करने की पूर्व सूचना मिलने पर उन्होंने अपना विवि परिसर आने का कार्यक्रम बदल दिया था। वे विवि आने के बजाय राज्यपाल से मिलने चले गए

और उन्हें विवि परिसर की गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि वे साढ़े ग्यारह बजे कार्यालय आ गए थे। कुलपति ने साफ शब्दों में कहा कि एसएफआई का यह आंदोलन (अनशन ) परिसर से बाहर समरहिल चौक पर चल रहा है, इसका विश्वविद्यालय से कोई लेना देना नहीं है।

छात्र नेताओं ने यह मांगें भी उठाई
छात्र नेताओं ने एमबीए ग्रामीण विकास, एमएससी पर्यावरण विज्ञान, एमएफए पहाड़ी मिनियेचर, पेंटिंग और डिप्लोमा डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे आईआईएचएस में शुरू किए गए कोर्स के प्रवेश की प्रक्रिया और शेड्यूल को जल्द जारी करने की मांग भी उठाई।

अब तक वेबसाइट पर भी कोई जानकारी नहीं है, एसएफआई के आंदोलन के चलते, प्रशासन ने साइंस भवन में इन कोर्स को क्लास रूम खाली करवाने के सिर्फ आदेश जारी कर छात्रों को गुमराह करने कार्य किया, मगर अब तक कमरे खाली नहीं हुए है। 

अन्य मानी गई मांगों पर भी सिर्फ दिखावे को काम शुरू किया है, जो छात्रों को गुमराह करने और आंदोलन को कमजोर करने की साजिश है। विपिन ने कहा कि कुलपति यदि आंदोलन को समाप्त करवाना चाहते है, तो वे बातचीत को बैठक बुलाए और छात्रों की उठाई गई तमाम मांगों को माने और लिखित में दे कि कौनसी मांग कब पूरी होगी।

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