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एचपीयू में आधी रात को बेहोश हुई अनशनकारी छात्रा, आईजीएमसी रैफर

Wed, 27 Jul 2016 10:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 27 Jul 2016 10:06 AM IST
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SFI hunger strike at HPU, girl admitted at IGMC.
बेहोश हुई छात्रा आईजीएमसी में भर्ती - फोटो : अमर उजाला

एचपीयू में अनशन पर बैठी प्रदर्शनकारी छात्रा की आधी रात को तबीयत बिगड़ गई। इसे उल्टियां शुरू हो गई। अनशन पर बैठे दूसरे छात्र इसे एचपीयू की डिस्पेंसरी में ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा को आईजीएमसी रेफर कर दिया गया।

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रात करीब ढाई बजे आईजीएमसी में इसे उपचार दिया। इसके बाद छात्रा को छुट्टी दे दी गई। कुल्लू जिले की कार्यकर्ता करिश्मा की आधी रात को तबीयत खराब हो गई। छात्रा को पहले उल्टी हुई और इसके बाद बेसुध होकर वहीं गिर गई।
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इससे पहले भी अनशन के दौरान संगठन के तीन छात्र बेहोश हो चुके हैं। मंगलवार को घुमारवीं कॉलेज से आए एसएफआई कार्यकर्ता छात्र मनीष शर्मा, कोटशेरा कॉलेज छात्र क्रांति ठाकुर और अनिल कुमार ने अनशन पर अगले 48 घंटे तक मोर्चा संभाला।
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एसएफआई इकाई अध्यक्ष नोवल ठाकुर ने कहा कि अब तक विवि प्रशासन ने मांगों को लेकर लिखित में कुछ नहीं दिया है, ऐसे में आंदोलन को समाप्त नहीं किया जाएगा। परिसर में आंदोलन को मजबूर छात्रों को देखने के बावजूद कुलपति घाना की यात्रा करने में व्यस्त हैं।

इससे जाहिर है कि उन्हें विवि और यहां के छात्रों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन की छात्र संगठनों के साथ हुई बैठक की प्रोसीडिंग जल्द जारी न हुई तो आंदोलन जारी रखा जाएगा, जरूरत पड़ी तो इसे और उग्र भी किया जा सकता है।

नान सब्सिडाइज्ड सीटें बढ़ा रहा एचपीयू
एसएफआई इकाई अध्यक्ष नोवल और सचिव विपिन ने आरोप लगाया है कि  विवि प्रशासन लगातार साइंस विभागों के कोर्स में सब्सिडाइज्ड सीटों को कम कर नान सब्सिडाइज्ड सीटें बढ़ा रहा है। यह सीधे तौर पर शिक्षा के व्यापारीकरण का मामला है।


एमसीए विभाग में तीन बार काउंसलिंग करने के बावजूद बढ़ाई गई नान सब्सिडाइज्ड सीटें नहीं भरी जा सकी हैं। रूसा को लागू करने और उस पर फीस को बढ़ाना और नान सब्सिडाइज्ड सीटों में बदले जाने से आम छात्रों की ही समस्या गंभीर हो रही है।

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