'वीसी के कार्यकाल में टॉप 100 की सूची से बाहर हुआ एचपीयू'
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की 47वीं वर्षगांठ पर एसएफआई की विवि इकाई ने पत्रकार वार्ता कर मौजूदा कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के पिछले पांच साल के कार्यकाल की विफलताओं को गिनाया। विवि इकाई अध्यक्ष नोवल ठाकुर और सचिव विपिन शर्मा ने कहा कि इन पांच वर्षों में विवि का स्तर गिरा है। किसी समय बीस टॉप के विश्वविद्यालय में गिने जाने वाला विश्वविद्यालय आज पहले सौ विश्वविद्यालयों की सूची से भी बाहर हो गया है।
इन नेताओं ने कहा कि 24 मई को कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कुलपति का कार्यभार संभाला था। उन्होंने कहा कि विवि को बचाने के लिए विवि में 106 दिनों से एसएफआई आंदोलन कर रही है, कुलपति छात्रों की उठाई जा रही जायज मांगों को पूरा करने की जगह परिसर में भय का माहौल बनाने के लिए साजिश रच रहे हैं।
कुलपति के कार्यकाल में ही शिक्षकों की संख्या 350 से घटकर 150 रह गई है। दो सौ के करीब पद रिक्त चल रहे हैं, चहेतों की भर्ती करने के लिए लगातार भर्ती प्रक्रिया को लटकाया गया। पिछले दो सालों में शिक्षक पद के लिए पात्र हुए युवाओं को भर्ती से वंचित रखा गया है। नाकामियों के कारण ही कुलपति डेढ़ साल से नैक की टीम नहीं बुला पाए हैं। उन्हें विवि की मौजूदा स्थिति मालूम है। नेताओं ने भर्ती प्रक्रिया में भी गोलमाल करने के आरोप लगाए हैं।
इक्डोल में 70000 से रह गए 15000 छात्र
नोवल ने कहा कि कुलपति के तानाशाही रवैये और उनकी कार्यशैली के चलते जिस इक्डोल दूरवर्ती शिक्षण संस्थान में कभी 70000 छात्र हुआ करते थे, आज उनकी संख्या 15000 से भी कम हो गई है। कुलपति हर माह में ईसी की बैठक बुलाकर तो कभी आपात बैठक बुलाकर सिर्फ अपना गुणगान करने और कलेंडर में अपनी फोटो बड़े लोगों के साथ छपवाने को मंजूरी दिलवा रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि कुलपति 2011-12 में 191 दिन विवि से बाहर रहे, जिसमें विवि के पैसे को खर्च किया गया ।
विजन 2020 पर उन्होंने कहा कि इसके नाम पर कुलपति ने सिर्फ विवि की फीस बढ़ाकर आम छात्रों पर आर्थिक बोझ ढाला। इस डाक्यूमेंट में दिखाए गए सभी सपने वैसे ही पड़े हुए हैं। उन्होंने घर पर विवि कर्मियों से कार्य करवा न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुलपति ने फीस बढ़ाने का विरोध करने वाले छात्रों को निष्कासित करने, प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव
पर प्रतिबंध लगाकर अपनी मनमानी करने, प्रदेश भर में रूसा को यूजी में बिना तैयारी लागू कर हजारों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने को उनकी उपलब्धि बताया। इन नेताओं ने कहा कि विवि में 106 दिन से चल रहा क्रमिक अनशन जारी रहेगा, यदि मांगे न मानी गई तो आंदोलन आने वाले समय में और उग्र होगा, जिसके लिए कुलपति जिम्मेदार होंगे।