स्कूल शिक्षा बोर्ड: 10वीं कक्षा की परीक्षा में पूछ लिए आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न
10वीं कक्षा के वोकेशनल विषय आईटीईएस का प्रश्नपत्र देखते ही विद्यार्थियों के होश उड़ गए। आईटीईएस का कुछ प्रश्नपत्र आउट ऑफ सिलेबस आ गया। इसमें एक भी प्रश्न ऐसा नहीं था, जो परीक्षार्थियों ने पढ़ा था। इसके अलावा नई शिक्षा नीति में प्रथम चरण की परीक्षा में एमसीक्यू के जरिये एक नंबर के प्रश्नों की संख्या 15 होनी चाहिए थी, लेकिन परीक्षा में सिर्फ पांच ही प्रश्न दिए गए थे।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में मंगलवार को बड़ी लापरवाही सामने आई है। सुबह नौ बजे 10वीं के वोकेशनल विषय आईटीईएस का प्रश्नपत्र देखते ही विद्यार्थियों के होश उड़ गए। आईटीईएस का कुछ प्रश्नपत्र आउट ऑफ सिलेबस आ गया। इसमें एक भी प्रश्न ऐसा नहीं था, जो परीक्षार्थियों ने पढ़ा था। इसके अलावा नई शिक्षा नीति में प्रथम चरण की परीक्षा में एमसीक्यू के जरिये एक नंबर के प्रश्नों की संख्या 15 होनी चाहिए थी, लेकिन परीक्षा में सिर्फ पांच ही प्रश्न दिए गए थे। कोविड के बीच अभी तक के अन्य विषयों के प्रश्न पत्र से सबसे मुश्किल परीक्षा रही है। परीक्षा के दौरान बच्चे एक दूसरे के मुंह ताकते रहे, तो कई बच्चे समय से पहले ही अपने परीक्षा शिक्षकों को देने की जिद करने लगे।
परीक्षा के दौरान कुछ विद्यार्थियों ने स्कूल अध्यापक सहित प्रधानाचार्य को भी इसकी जानकारी दी है। अब बच्चे परेशान हैं। जिला मुख्यालय के स्कूलों में पढ़ रहे दसवीं के विद्यार्थी निखिल, मुस्कान, पलक, सपना, सुषमा, रोहित, आरती, धीरज, मोहित और निकिता ने मांग की है कि यह परीक्षा या तो रद्द किया जाए, या इसमें 17 नंबर का सीधा लाभ विद्यार्थियों को दिया जाए। उन्होंने बताया कि परीक्षा में सात नंबर का प्रश्न दूसरे चरण के विषय से लिया गया है। वहीं एक नंबर के प्रश्नों की संख्या भी सिर्फ पांच ही थी। जबकि ये 15 होनी चाहिए थी। उधर, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की पीआरओ अंजु पाठक ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसा हुआ है तो इस विषय को एक्सपर्ट कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। कमेटी के सुझाव आने के बाद निर्णय लिया जाएगा।