सैकड़ों मेधावी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति लटकी
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प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा हासिल कर रहे सैकड़ों मेधावी विद्यार्थियों को मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय से मिलने वाली छात्रवृत्ति नहीं मिली है। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास करने वाले मेधावी छात्रवृत्ति के लिए भटक रहे हैं। इसके चलते विद्यार्थियों और अभिभावकों में रोष है। अभिभावकों का कहना है कि अगर छात्रवृत्ति नहीं देनी है तो केंद्र सरकार को यह योजना तुरंत बंद कर देनी चाहिए।
एससीईआरटी छात्रवृत्ति में देरी के पीछे एमएचआरडी के पोर्टल में तकनीकी खराबी का तर्क दे रही है। प्रदेश शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) हर साल नेशनल मीन कम मेरिट स्कॉलरशिप परीक्षा करवाती है। हिमाचल से हर साल राष्ट्रीय परीक्षा के आधार पर छात्रवृत्ति के लिए 832 विद्यार्थियों का चयन किया जाता है।
वर्ष 2017 से पूर्व यह परीक्षा पास करने वाले बच्चों को सालाना 6 हजार रुपये छात्रवृत्ति दी जाती थी। अब केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति राशि छह हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये सालाना कर दी है। अभिभावकों में रमेश चंद, किशोरी लाल शर्मा, अशोक ठाकुर और सुनील शर्मा ने कहा कि उनके बच्चों ने नेशनल मीन कम मेरिट स्कॉलरशिप परीक्षा पास की है, लेकिन दो साल से छात्रवृत्ति नहीं मिली है।
इस बार 5 सितंबर तक करें आवेदन
मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय हर साल प्रदेश शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) सोलन के माध्यम से नेशनल मीन कम मेरिट स्कॉलरशिप परीक्षा करवाता है। सातवीं कक्षा की परीक्षा पास करने वाले बच्चों को 12वीं कक्षा तक पढ़ाई के लिए हर साल छात्रवृत्ति दी जाती है।
परीक्षा में भाग लेने के लिए विद्यार्थी का स्कूल स्तर की परीक्षा में 55 अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य होता है। इस साल 5 सितंबर, 2018 तक स्कूल के माध्यम से आवेदन मांगे गए हैं। इस परीक्षा के लिए प्रदेश के 12 जिलों में 37 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
प्रदेश शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) सोलन की राज्य को-ऑर्डिनेटर नीलम शर्मा ने कहा कि नेशनल मीन कम मेरिट स्कॉलरशिप से संबंधित कुछ लोगों की शिकायतें मिली हैं।
दिल्ली स्थित कार्यालय से संपर्क करने के बाद करीब 46 मेधावियों की छात्रवृत्ति शुरू हो गई है। इतनी ही संख्या में अन्य शिकायतें मिली हैं, जिन्हें शीघ्र दिल्ली कार्यालय भेजा जाएगा। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के एसबीआई में मर्ज होने के चलते ये दिक्कतें पेश आई हैं।