इस तरह होगा विवि और कॉलेजों में छात्र संघ का गठन, शेडयूल जारी
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ चुनाव पर पांच सालों से लगे प्रतिबंध को जारी रखने का फैसला लिया है। एचपीयू के कुलसचिव घनश्याम चंद ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों में छात्र संघ का गठन मेरिट आधार पर मनोनयन से कराने की अधिसूचना जारी कर दी है।
सभी संबद्ध कॉलेजों को सत्र 2019-20 के लिए एससीए मनोनयन का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। इसके तहत विवि और कॉलेजों में तीन से 12 सितंबर तक एससीए का गठन करना होगा। इसके बाद कॉलेजों और विवि पीजी सेंटर को मनोनीत एससीए के पदाधिकारियों का ब्योरा एचपीयू को भेजना होगा। एससीए गठन के लिए बनाया गया संविधान विवि की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
हिंसा के चलते 2014 में लगा था प्रत्यक्ष चुनाव पर प्रतिबंध
वर्ष 2014 में तत्कालीन कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के कार्यकाल में प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगा था। ईसी की बैठक में मेरिट आधार पर एससीए के चारों पदों पर छात्रों को मनोनीत करने, कॉलेजों में कक्षा व विवि में विभाग प्रतिनिधि मनोनीत करने की प्रक्रिया को लेकर संविधान तैयार किया था। इसी संविधान के मुताबिक 2014 से एससीए का गठन हो रहा है। इससे पूर्व भी कांग्रेस सरकार के ही कार्यकाल में कई सालों तक एससीए चुनाव पर प्रतिबंध रहा।
1996 से 2000 तक नहीं हुए थे चुनाव
वर्ष 1996 से 2000 तक भी विवि और कॉलेजों में हिंसा की घटनाओं के बढ़ने को आधार बनाकर छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगा था। इस समय में विवि व कॉलेजों में मनोनयन से भी एससीए नहीं बनी थी। चार सालों तक एससीए बनी ही नहीं थी। छात्र संगठनों के आंदोलन के बाद चुनाव 2000 में बहाल किए गए थे, जो 2014 तक होते रहे।