रूसा डिग्री ने रुलाया: दूसरे विवि ने प्रवेश देने से किया मना
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प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों से रूसा सीबीसीएस यूजी डिग्री कोर्स के छठे सेमेस्टर के छात्र पंजाब यूनिवर्सिटी सहित बाहरी राज्यों में प्रवेश की पात्रता को ही पूरा नहीं कर पा रहे हैं। रूसा सीबीसीएस में डिग्री के लिए सीजीपीए और एसजीपीए को परसेंटेज में बदलने का प्रावधान न रखे जाने के कारण यह समस्या हो रही है।
इस कारण वे प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे ही एक भुगतभोगी छात्र ने इस बार बाकायदा विवि के परीक्षा नियंत्रक को लिखित में सूचित किया है। संजौली कॉलेज के इस छात्र ने डिग्री में सीजीपीए को प्रतिशत प्राप्तांक में बदले जाने को आवेदन किया है। समस्या का
समाधान नहीं निकला तो प्रदेश भर से यूजी कोर्स पूरा करने वाले हजारों छात्र कैसे अन्य नामी विश्वविद्यालयों में प्रवेश का सपना पूरा कर पाएंगे।
संजौली कॉलेज के छात्र ने विवि के समक्ष लिखित में उठाए मामले में यह भी आशंका जताई है कि राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली उन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उन्हें समस्या पेश आ सकती है, जिसमें स्नातक डिग्री की प्राप्त अंक प्रतिशतता की शर्त अनिवार्य है।
इस कारण हो रही है समस्या
एचपीयू की ओर से 2013 में यूजी में लागू किए गए रूसा सीबीसीएस में डिग्री में प्राप्तांक प्रतिशतता के स्थान पर सीजीपीए(क्यूमिलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज ) दिए जा रहे हैं, और सेमेस्टर को (एसजीपीए) सेमेस्टर ग्रेड प्वाइंट एवरेज दिए जाने का प्रावधान है। अब अन्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने में समस्या इसलिए पेश आ रही है कि इसमें सीजीपीए को डिग्री में प्राप्तांक प्रतिशतता में नहीं बदला जा सकता।
पहले से डिग्री में यह है व्यवस्था
विश्वविद्यालय में लागू किए गए रूसा सीबीसीएस सिस्टम में डिग्री पूरी करने पर एस प्लस, एस, ओ प्लस प्लस, ओ से लेकर सी ग्यारह तरह के सीजीपीए देने का प्रावधान है। जिसे रिलेटिव मैथड से आंके जाने के कारण प्राप्त प्रतिशतता में निकाल पाना मुश्किल है
कुछ छात्रों ने लिखित में उठाया मामला: डॉ. नेगी
विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने माना कि तीन से चार छात्रों ने अन्य विश्वविद्यालयों की ओर से की गई मांग के मुताबिक सीजीपीए को प्रतिशत में बदल कर परिणाम घोषित किए जाने की मांग की है। छात्रों ने समस्या को उठा कर समाधान करने की गुहार भी लगाई है। मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाया गया है।