आरटीआई में हुआ रूसा परिणाम पर बड़ा खुलासा
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रूसा सीबीसीएस यूजी के पहले बैच के छठे सेमेस्टर में अपीयर हुए छात्रों के रिजल्ट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। एचपीयू से संबद्ध कॉलेजों में 2013 में रूसा सीबीसीएस के तहत बिठाए गए पहले बैच के परीक्षा परिणामों को लेकर अभी भी छात्रों की परेशानी बरकरार है। रोजाना विवि में पहले बैच के पास आउट हुए छात्रों को रूसा के लटके परीक्षा परिणामों को सेटल करने और उनका पता लगाने के लिए भटकने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
एसएफआई की विवि इकाई ने विवि प्रशासन के इसी दावे की सच्चाई का पता लगाने के लिए आरटीआई को हथियार बनाया। इसमें खुलासा हुआ है कि रूसा सीबीसीएस यूजी के पहले बैच के छठे सेमेस्टर में अपीयर हुए छात्रों में से विश्वविद्यालय ने पहले से छठे सेमेस्टर तक के सिर्फ 22428 छात्रों के ही पूरे परीक्षा परिणाम घोषित किए हैं।
यानी अभी 7269 छात्रों के नतीजे कहीं अवार्ड न आने, गलत विषय कोड, इंटरनल असेसमेंट सहित न जाने कितने ही कारणों से लटके हुए हैं। सहायक कुलसचिव परीक्षा वन की ओर से बाकायदा इनफारमेशन अधिकारी के माध्यम से यह जवाब आवेदक को मिला है। विवि के छात्र अनिल वर्मा ने सूचना का अधिकार एक्ट 2005 के तहत यह जानकारी मांगी थी।
गुमराह कर रहा विवि प्रशासन: एसएफआई
एसएफआई की विवि इकाई ने विवि प्रशासन पर आरोप लगाया है कि प्रशासन रूसा सीबीसीएस के तहत पास आउट हुए पहले बैच के परीक्षा परिणाम को लेकर लगातार लोगों को गुमराह करता रहा है। इकाई सचिव विपिन ने कहा कि आरटीआई सूचना में साफ है कि अभी भी 7269 छात्रों के नतीजे घोषित नहीं हुए हैं।
ऐसे में कैसे विश्वविद्यालय रूसा के सभी नतीजे घोषित करने और महज 22 दिनों में छठे सेमेस्टर का परिणाम घोषित करने दावे कर वाहवाही लूट रहा है। विपिन ने कहा कि इन हजारों छात्रों को बाहरी राज्यों सहित अपने ही विश्वविद्यालय में पीजी कोर्स में प्रवेश लेना
मुश्किल हो रहा है। विपिन ने कहा कि विश्वविद्यालय में आम छात्रों की इन्हीं सब समस्याओं को दूर करने को चल रहे 48 घंटे के क्रमिक अनशन पर शुक्रवार को दोरजे, सोनम तेंजिन और अशोक बैठे हैं।