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आयुर्वेद कालेज में पीजी कक्षाओं के बंद होने का संकट टला
राजकुमार सूद /अमर उजाला, बैजनाथ (कांगड़ा)
Updated Mon, 25 Sep 2017 11:49 AM IST
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राजीव गांधी स्नातकोत्तर शिक्षण संस्थान पपरोला में चार पीजी कक्षाओं के बंद होने का खतरा टल गया है। सरकार ने पीजी विभाग के चार विषयों रोग निदान, स्वस्थ वृत्त, पंचकर्मा और रस शास्त्र में प्रोफेसर के पद सृजित करने के फरमान जारी कर दिए हैं।
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अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। आयुर्वेद विभाग के ओएसडी डॉ. दिनेश शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। दो विषयों रोग निदान और स्वस्थ वृत्त विभाग में रीडर पद पर तैनात डा. दलीप शर्मा व डॉ. टीसी ठाकुर ने बतौर प्रोफेसर ज्वाइन कर लिया है, जबकि दो अन्य पद भी जल्द भरे जाने की उम्मीद है।
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केंद्र सरकार ने इस वर्ष देश के समस्त आयुर्वेदिक संस्थानों में पीजी विषयों में प्रोफेसर का कम से कम एक पद होना अनिवार्य कर दिया था। पपरोला कॉलेज में पीजी के तीन विषयों में प्रोफेसर का पद न होने के कारण इन तीन विषयों में पीजी प्रवेश पर तलवार लटक गई थी।
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वर्तमान में संस्थान में 14 विषयों में से 11 विषयों सिद्धांत विभाग, स्वस्थ वृत्त, बाल रोग, प्रसूति तंत्र, काया चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, शालक्य, द्रव्य गुण, रस शास्त्र, पंचकर्मा व रोग निदान में पीजी कक्षाएं चल रही हैं।
जबकि शरीर रचना, अगध तंत्र व शरीर क्रिया तीन विषयों में पीजी का प्रावधान नहीं है। वर्तमान में इन 11 विषयों में 40 छात्र पीजी कर रहे हैं।