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निजी स्कूलों को अब इन कक्षाओं के लिए भी लेनी होगी मान्यता

Sun, 09 Apr 2017 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Sun, 09 Apr 2017 12:04 AM IST
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Private Schools have to take Govt approval for Nursery and KG Class

प्रदेश में कोई भी निजी स्कूल अब सरकार से मंजूरी लिए बिना नर्सरी और केजी की क्लास नहीं चला सकेंगे। हिमाचल सरकार ने निजी स्कूल को प्री स्कूल खोलने के लिए मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया है। प्ले और प्री स्कूलों को खोलने के लिए नई नियमावली भी तैयार कर दी गई है। विधानसभा में मंजूर होने के बाद सरकार ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा केंद्र (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) विधेयक 2017 को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है। 

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अधिसूचना जारी होने से अभी तक बिना अनुमति चल रहे स्कूलों पर शिकंजा कसा जाएगा। हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा केंद्र (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) विधेयक 2017 के तहत बिना पंजीकरण प्रदेश में खुले प्ले स्कूल और प्री नर्सरी स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी की गई है। नियमों की अनदेखी करने पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना किए जाने का प्रावधान भी किया गया है।
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दुकानों की तर्ज पर गली-मोहल्लों में खुले प्ले स्कूलों पर नकेल कसने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने पहल की है। विधेयक के तहत सभी प्ले स्कूलों के पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है। प्ले स्कूल में बच्चों को दाखिला देने के लिए किसी भी प्रकार की लिखित और मौखिक परीक्षा पर रोक लगाई गई है। प्ले स्कूलों में पीटीए गठित करने का प्रावधान रखा गया है।
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पीटीए में 75 प्रतिशत अभिभावक (50 प्रतिशत माताएं) और 25 प्रतिशत शिक्षक शामिल होंगे। पीटीए का गठन एक साल के लिए होगा। प्रति माह इसकी बैठक करनी पड़ेगी। प्ले स्कूलों की फीस को भी तय किया गया है। सरकार के नियमों के अनुसार ही फीस तय की गई है। इसके अलावा प्ले स्कूलों में तैनात शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता को भी तय किया गया है।

जमा दो और नर्सरी टीचर ट्रेनिंग को अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता रखा गया है। पर्याप्त इंडोर और आउटडोर स्पेस वालों को ही प्ले स्कूल खोलने की मंजूरी दी जाएगी। प्ले स्कूल में खिलौनों के साथ-साथ लर्निंग मैटीरियल भी रखना अनिवार्य किया गया है। प्ले स्कूल में स्वच्छ पीने के पानी, साफ शौचालय और हैंड वॉश करने का पुख्ता बंदोबस्त करना होगा।


पंजीकरण करवाने के लिए प्ले स्कूल प्रबंधन को विभाग के जिला परियोजना अधिकारी से संपर्क करना होगा। बच्चों की सही देखरेख नहीं करने पर प्ले स्कूलों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखरेख के लिए सरकार ने यह विधेयक पास किया है।

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