नगरोटा बगवां फार्मेसी कॉलेज को हरी झंडी, दाखिले शुरू
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कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां के लिए स्वीकृत फार्मेसी कॉलेज में इस सत्र से कक्षाएं शुरू होंगी। फार्मेसी कॉलेज को शुक्रवार को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से 60 सीटों के लिए एनओसी मिल गई है। एनओसी मिलते ही स्पॉट एडमिशन राउंड में कॉलेज में दाखिले की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। एनओसी की खबर फैलते ही अभिभावक अपने बच्चों को लेकर काउंसलिंग स्थल पर पहुंचे।
सुप्रीम कोर्ट ने गत वर्ष देशभर के तकनीकी महाविद्यालयों को 15 अगस्त से पूर्व एडमिशन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई को पूरा समय मिल सके। इसके चलते शुक्रवार देर शाम तक दाखिले चलते रहे। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने गत माह 26 जुलाई को स्पॉट इंस्पेक्शन कर फार्मेसी कालेज में आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया था।
प्रदेश सरकार ने नगरोटा बगवां में 60 सीटें भरने को स्वीकृति प्रदान की हुई है। इसके साथ ही प्रिंसिपल एवं डायरेक्टर और प्रोफेसर समेत विभिन्न श्रेणियों के 20 पदों को भरने की मंजूरी भी मिल चुकी है। अब प्रदेश में सरकारी फार्मेसी कॉलेजों की संख्या दो हो गई है। इससे पूर्व राजकीय फार्मेसी कॉलेज रोहड़ू में फार्मेसी होती थी।
पीसीआई की हरी झंडी मिलने के बाद सैकड़ों छात्रों को राहत मिली है। हिप्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डा. वीपी पटियाल ने बताया कि नगरोटा बगवां के फार्मेसी कॉलेज को पीसीआई से एनओसी मिल गई है। पीसीआई से हरी झंडी मिलते ही फार्मेसी कॉलेज नगरोटा बगवां में दाखिले भी हो गए।
रैगिंग नहीं रोकने वाले संस्थानों पर होगी कार्रवाई
प्रदेश के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एंटी रैगिंग के पोस्टर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस बाबत आदेश जारी किए हैं। रैगिंग नहीं रोकने वाले शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है।
यूजीसी ने शिक्षण संस्थानों में एंटी रैगिंग कमेटियां गठित करने के निर्देश दिए हैं। यूजीसी ने हर विश्वविद्यालय को हेल्पलाइन नंबर जारी करने के आदेश भी दिए हैं। 1800 180 5522 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करने वालों को भाषा की समस्या आड़े न आए, इसके लिए 12 भाषाओं में शिकायत करने की सुविधा दी गई है।
ऐसे में उन छात्रों को इससे फायदा होगा, जो बाहरी राज्यों से प्रदेश के विश्वविद्यालयों या कॉलेजों में पढ़ाई करने आते हैं। एंटी रैगिंग हेल्प लाइन नंबर पर दर्ज शिकायत को संबंधित शैक्षणिक संस्थानों को ट्रांसफर किया जाएगा। यूजीसी ने देश के सभी विवि और कॉलेजों के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर को प्रोस्पेक्टस पर लिखना भी अनिवार्य कर दिया है। शैक्षणिक संस्थानों में एंटी रैगिंग सेल गठित करने को भी कहा है।
जागरूकता कार्यक्रम चलाएं
यूजीसी के सचिव प्रो. जसपाल एस संधू द्वारा सभी वीसी को जारी पत्र में कहा गया है कि रैगिंग रोकने के लिए संस्थानों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाए। एडमिशन सेंटर, डिपार्टमेंट्स, लाइब्रेरी, कैंटीन, हॉस्टलों और कॉमन रूम में एंटी रैगिंग के पोस्टर लगाए जाएं। हेल्पलाइन नंबर को भी इन पोस्टरों के माध्यम से प्रचार किया जाए।