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इन विषयों में पीएचडी करवाएगा अब तकनीकी विश्वविद्यालय

Sat, 24 Nov 2018 12:02 PM IST
प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर
प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर Updated Sat, 24 Nov 2018 12:02 PM IST
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Ph.D. by HPTU Hamirpur in MBA and Pharmacy subjects

प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय अगले वर्ष से पीएचडी की पढ़ाई शुरू करेगा। इसके लिए विवि प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुरूआती दौर में फार्मेसी, एमबीए और एमटीए में करीब 40 सीटों पर पीएचडी करवाने का प्रपोजल तैयार किया गया है। विवि ने प्रारंभिक तैयारियों में पीएचडी की सीटों, दाखिला प्रक्रिया और दाखिला और परीक्षा शुल्क से संबंधित खाका तैयार कर लिया है। 

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जनवरी 2019 से तकनीकी विवि अपने यहां पीएचडी की पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य रखा है लेकिन इसके लिए पहले अकादमिक काउंसिल की परिषद में मंजूरी जरूरी है। दिसंबर माह में अकादमिक काउंसिल की बैठक प्रस्तावित है। अकादमिक काउंसिल की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद इस प्रस्ताव को बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठक में लाया जाएगा। बीओडी में प्रस्ताव पारित होने पर इस पर अंतिम मुहर लगेगी।
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वीरवार को तकनीकी विवि के हमीरपुर स्थित कैंपस में पीएचडी को लेकर एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में 27 नवंबर से पूर्व पीएचडी एजेंडा की फाइल तैयार करने पर चर्चा हुई। अभी तक प्रदेश तकनीकी विवि में पीएचडी की पढ़ाई की सुविधा नहीं है। डीन अकादमिक डॉ. कुलभूषण चंदेल ने कहा कि विवि प्रशासन ने वर्ष 2019 से पीएचडी करवाने का निर्णय लिया है।

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पीएचडी के लिए यह हैं यूजीसी के नियम

Ph.D. by HPTU Hamirpur in MBA and Pharmacy subjects

किसी भी विवि में पीएचडी की पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सिफारिशों को लागू करना अनिवार्य होता है। यूजीसी के नियमों के मुताबिक स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में ही पीएचडी की पढ़ाई करवाई जा सकती है, लेकिन पीजी कॉलेजों में भी कॉलेज प्राध्यापक को लेकर सीटों का बंटवारा किया गया है।

अगर किसी पीजी महाविद्यालय में एक प्रोफेसर है तो वह अपने अधीन केवल 8 विद्यार्थियों को ही पीएचडी करवा सकता है। इसी तरह एसोसिएट प्रोफेसर केवल 6 विद्यार्थियों और असिस्टेंट प्रोफेसर 4 शोधार्थियों से पीएचडी करवा सकता है।

तकनीकी विवि के अधीन यह हैं कॉलेज
प्रदेश तकनीकी विवि के अधीन वैसे तो इंजीनियरिंग, फार्मेसी, एमबीए और एमसीए की पढ़ाई करवाने वाले चार दर्जन से अधिक महाविद्यालय हैं। पीएचडी फार्मेसी, एमबीए और एमटीए में ही करवाई जाएगी। महाविद्यालय के अधीन वर्तमान में एमबीए के 9 महाविद्यालय और 15 फार्मेसी महाविद्यालय चल रहे हैं।

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