हिमाचल में बीएड को जेबीटी के लिए मान्य करने का विरोध
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बीएड धारकों को भी जेबीटी भर्ती के लिए मान्यता देने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को जेबीटी बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मुलाकात कर पूर्व के भर्ती नियमों के तहत ही भर्ती करने की गुहार लगाई। कहा कि बीएड करने वाले जेबीटी टेट क्वालीफाई नहीं हैं। ऐसे में उन्हें भर्ती में शामिल नहीं किया चाहिए। जेबीटी बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक ठाकुर, राकेश शर्मा, मनीष ठाकुर, नरेंद्र चौहान, पवन, नवीन शर्मा, चमन, नरपत, प्यारेलाल, मोहित, सुभाष, सोनिया शर्मा, रुचिका, सुमन, मनीषा, वीना चौहान, पूनम शर्मा, सोनिया शर्मा, दीपिका, अनीता, सुनीता, अंजना, केवल, राहुल, दलीप, अंकुश, संजय, इंद्र, बोधराज शर्मा और अनूप ने शिक्षा मंत्री को बताया कि प्रदेश में बीस हजार से ज्यादा डिप्लोमा धारक हैं। वर्तमान में 11 डाइट और करीब 28 निजी संस्थानों से कई विद्यार्थी डिप्लोमा कर रहे हैं।
बीएड को भर्ती के लिए मान्य करने से इनका भविष्य खतरे में पड़ गया है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यदि बीएड को इसमें मान्यता दी जाती है तो इसमें 50 फीसदी बैचवाइज में उन्हीं का नंबर आएगा। बीएड का 1999 और 2000 का बैच चल रहा है, जबकि जेबीटी का 2008-10 का बैच चल रहा है। उन्होंने बताया कि एनसीटीई की अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह नियम उन्हीं राज्यों के लिए है, जहां जेबीटी प्रशिक्षु मिल रहे हैं। उधर, शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा। कोर्ट में भी संघ का पक्ष रखा जाएगा। जेबीटी बेरोजगार संघ ने सरकार को चेताया कि अगर उनके पक्ष में फैसला नहीं हुआ तो आगामी शैक्षणिक सत्र से नया बैच नहीं बैठने देंगे। डाइट में कक्षाओं का विरोध किया जाएगा। सरकार को डिप्लोमा भी लौटा दिया जाएगा।