इंतजार करती रहीं कंपनियां, 1237 पदों को पहुंचे सिर्फ 315 युवा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के नाहन के चौगान मैदान में बेरोजगारों को रोजगार देने के नाम पर आयोजित रोजगार मेला मजाक बनकर रह गया। मेले में बेरोजगारों की भीड़ तक नहीं जुट पाई। मेले में विभिन्न कंपनियों में कुल 1237 सीटें भरी जानी थीं। लेकिन साक्षात्कार के लिए महज 315 युवा पहुंचे।
कई कंपनियों को पढ़े लिखे बेरोजगार नहीं मिल पाए तो कई कंपनियां हेल्पर्स पद देने तक ही सीमित रहीं। बताया जा रहा है कि यह मेला प्रचार प्रसार के अभाव में फीका रहा। कहा जा रहा है कि मेले का सही तरीके से प्रशासन प्रचार-प्रसार करता तो बेरोजगारों की निसंदेह काफी भीड़ जुटती।
मेले में कालाअंब, पांवटा साहिब, नालागढ़ और बद्दी से पहुंचे कंपनी प्रतिनिधियों ने रोजगार विभाग को अपनी रिक्वायरमेंट भेजी थी। लेकिन इसके अनुसार खाली पद नहीं भरे जा सके। ऐसे में विभिन्न कंपनियों के स्टाल दिनभर खाली रहे।
कई जगह हेल्पर्स के पद तो भरे गए लेकिन बड़ी शैक्षणिक योग्यता रखने वाले बेरोजगारों के लिए कंपनियां तरसती रहीं। चौगान मैदान में 24 कंपनियों ने अपने स्टाल लगाए। मेले में हेल्पर्स से लेकर बी फार्मा, एम फार्मा, ऑपरेटर्स, बीएससी केमिस्ट्री, एमएससी, आईटीआई होल्डर आदि शैक्षणिक योग्यता रखने वाले बेरोजगारों के 1237 पद भरे जाने थे, लेकिन यह आंकड़ा 200 भी नहीं पहुंच पाया।
भरे जाने थे ये पद, मात्र 183 को मिला रोजगार
यहां पहुंचीं कंपनियों में लायड इंडस्ट्री में 40, मैनकाइंड में 110, ब्लू स्टार में 100, विप्रो में अकुशल कामगारों के 40, जेएचएस लैब में 40, एवलान कास्मेटिक्स में 4, शिवम काटस्पिन में 50, वर्धमान में 40, एआर इंडस्ट्री में 14, खाडूजी में 20, हिम टैक्नोफोर्स में 49, लिबर्टी में 26 व पायनियर में 70 के अलावा नितिन लाइफ साइंस, लैबोरेट फार्मा आदि कंपनियों में हेल्परों, ऑपरेटर व अन्य विभिन्न कैटेगरी के सैकड़ों पदों को भरा जाना था लेकिन बेरोजगार काफी कम पहुंचे।
नहीं पहुंचा प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी
रोजगार मेले में प्रशासन का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। सिर्फ श्रम व रोजगार विभाग के अधिकारियों के अलावा संबंधित विभाग के कर्मचारी ही मेले में उपस्थित रहे। नालागढ़ व बद्दी के अलावा सिरमौर के इंडस्ट्रियल इलाकों से पहुंचीं कंपनियों ने भी माना कि रोजगार मेले में जरूरत के अनुसार बेरोजगार नहीं पहुंचे। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि मेले को लेकर प्रचार प्रसार की भारी कमी दिखी। आवश्यकता के अनुसार कंपनियों की मांग पूरी न होने से अधिकारियों को निराश होना पड़ा।
मात्र 183 को मिला रोजगार
उधर, कार्यवाहक जिला रोजगार अधिकारी बलवंत सिंह वर्मा ने बताया कि रोजगार मेले में 183 युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया गया। मेले में कुल 315 युवाओं ने अपना पंजीकरण करवाया था।
बीफार्मा, स्नातक विज्ञान संकाय व एमएससी आदि शैक्षणिक योग्यता रखने वाले आवेदक कंपनी को नहीं मिल पाए। उन्होंने बताया कि मेले में भाग न ले पाने वाले युवा रोजगार कार्यालय में रोजगार के लिए आवेदन कर सकते हैं।