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तैयारी पूरी, इक्डोल में अब ऑनलाइन मिलेगा प्रवेश
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 12 Jan 2017 10:13 AM IST
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यूजीसी के दिशा निर्देशों पर विवि के पीजी सेंटर के अधिकतर डिग्री कोर्स में ऑनलाइन प्रवेश से लेकर परीक्षा परिणाम सुविधा देने के बाद अब इक्डोल को भी पूरी तरह से छात्रों के लिए सुविधाजनक और ऑनलाइन किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इक्डोल (अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र) नए शैक्षणिक सत्र 2017 के शुरू होने तक इक्डोल की प्रवेश प्रक्रिया को पहले चरण में ऑनलाइन करने जा रहा है।
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इस कार्य को करने के लिए इक्डोल की लंबे समय से चली आ रही प्रोग्रामर और कंप्यूटर प्रशिक्षित स्टाफ की मांग भी पूरी कर दी गई है। इक्डोल को अलग से प्रोग्रामर और पांच कंप्यूटर प्रशिक्षित क्लर्क मिल गए हैं। इक्डोल को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया सही मायने में पूरी हो सकती है। कोर्स में प्रवेश, रिन्यूअल, रोल ऑन के साथ ही फीस जमा करवाने और इक्डोल से छात्रों को हर तरह की सूचना ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जानी है।
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इक्डोल प्रशासन अब नए सत्र से छपने वाले करीब दस हजार प्रोस्पेक्टस को न छाप कर, उसे इक्डोल की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाएगा। छात्र ऑनलाइन ही प्रवेश फार्म भरने सहित फीस जमा करवाने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इक्डोल निदेशक की अध्यक्षता में एक नौ सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
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कमेटी ने इक्डोल को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया का खाका तैयार अपनी वेबसाइट पर छात्रों की परेशानी, जरूरतों के मुताबिक अपडेट करने का कार्य भी शुरू कर दिया है। इक्डोल के ऑनलाइन होने से वर्तमान में यहां से यूजी, पीजी डिग्री डिप्लोमा और सर्टिफिकेट के 24 कोर्स करने वाले करीब 28 से 30 हजार छात्रों को घर द्वार सुविधा मिल सकेगी।
छात्रों की समस्याओं के आधार पर अपडेट होगी वेबसाइट
इक्डोल में वर्तमान में रूसा सीबीसीएस के छात्र ऑनलाइन प्रवेश लेते हैं, हालांकि पिछले सत्र से इक्डोल ने इन छात्रों के साथ ही अन्य कोर्स के प्रोस्पेक्टस छपवाने के साथ इक्डोल की वेबसाइट पर भी उपलब्ध करवा दिए थे।
हालांकि प्रोजेक्ट बड़ा है और मुश्किलों वाला है, मगर इक्डोल प्रशासन दावा कर रहा है कि छात्र को घर द्वार पर प्रोस्पेक्टस, सिलेब्स, फीस जमा करवाने की सुविधा के साथ ही हर जानकारी ऑनलाइन वेबसाइट पर उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले चरण में प्रवेश प्रक्रिया होगी ऑनलाइन: निदेशक
इक्डोल के निदेशक प्रो. पीके वैद ने माना कि विवि के फैसले और यूजीसी के निर्देशों के मुताबिक दूरवर्ती शिक्षा मोड से पढ़ाई करवा रहे इक्डोल को भी ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सबसे पहले वेबसाइट अपडेट की जा रही है, उसमें हर कोर्स में
प्रवेश के फार्म की पात्रता शर्त, फीस जमा करवाने के साथ सिलेबस आदि प्रवेश के समय में ही छात्र को घर बैठे मिल सकेगा। अगले चरण में कोर्स के सिलेबस के साथ स्टडी मैटीरियल को भी छात्रों तक ऑनलाइन उपलब्ध करवाना लक्ष्य है, छात्र को स्कूलों की तर्ज पर मैसेज गेटवे से जोड़ा जाना है। ताकि छात्र को हर अपडेट मैसेज से ही मिल जाए।
देश-विदेश से भी बढ़ेगी छात्रों की संख्या
विवि प्रशासन को उम्मीद है कि इक्डोल को ऑनलाइन करने से न केवल प्रदेश बल्कि विदेशों से भी छात्र आकर्षित होंगे और प्रवेश लेंगे। वर्तमान में अफगानिस्तान जैसे देशों के छात्र भी इक्डोल से पढ़ाई कर रहे हैं। ऑनलाइन सुविधा से सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों पर प्रदेश की सीमाओं तक सिमटे दायरे को भी बढ़ाया जा सकेगा। इससे प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या बढ़ेगी।