एचपीयू ने इस छात्रों को दी राहत, यूजी डिग्री पूरी करने को एक और मौका
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद ने सेमेस्टर सिस्टम के तहत यूजी डिग्री के पांच साल का समय पूरा कर चुके छात्रों को डिग्री पूरी करने के लिए एक और मौका देने का फैसला लिया है।
इससे प्रदेश भर के उन हजारों छात्रों को राहत मिलेगी, जो तय पांच सालों में अपनी डिग्री की परीक्षाएं उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं। सोमवार को विवि के कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में चरचा के बाद यह फैसला लिया गया, इसे ईसी की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
बैठक में रूसा प्रणाली को वार्षिक आधार पर करने की स्वीकृति प्रदान की गई और पाठ्यक्रम संबंधित सिफ ारिशों को भी ईसी की मंजूरी को भेजने का निर्णय लिया गया।
शैक्षणिक परिषद ने रूसा सेमेस्टर सिस्टम के तहत घुमारवीं कॉलेज के बीबीए कोर्स के छात्र छात्राओं को पर्यावरण अध्ययन विषय में तीन और क्रेडिट देने की स्वीकृति दी गई। बैठक की कार्यवाही का संचालन परीक्षा नियंत्रक डॉ. जोगिंद्र सिंह नेगी ने किया।
रिजनल सेंटर, संबद्ध सरकारी कॉलेजों में छंटनी और मेरिट पर सीटें भरने को मंजूरी
विवि की शैक्षणिक परिषद ने नए शैक्षणिक सत्र में पीजी कोर्स में खाली रही विभिन्न कोर्स की सीटों को छंटनी परीक्षा की वेटिंग से भरने, बावजूद इसके यदि सीटें खाली रहती है तो इसे मेरिट आधार पर भरने को मंजूरी प्रदान की गई है।
धर्मशाला रिजनल सेंटर में ही अकेले विधि कोर्स में 80 में से 60 सीटें खाली रह गई हैं। वहीं अन्य पीजी कोर्स में भी सेंट्रलाइज्ड प्रवेश और काउंसलिंग की प्रक्रिया में सीटें खाली रहने पर यह निर्णय लिया गया है।
विवि में स्थित एकीकृत हिमालयन अध्ययन संस्थान (आईआईएचएस) के शोध अधिकारियों को एसोसिएट प्रोफेसर का पदनाम दिए जाने के मामले शैक्षणिक परिषद में लंबी चरचा हुई, मगर
इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया। परिषद के सदस्य के रूप में मौजूद शिक्षक सदस्यों ने इसका विरोध किया चूंकि उनकी तैनाती बतौर शोध अधिकारी हुई है। उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर का पदनाम नहीं दिया जा सकता है।