संजौली कॉलेज में नई एससीए ने संभाला पदभार, एचपीयू अब तक नहीं करवा पाया शपथ ग्रहण
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संजौली कॉलेज में मनोनीत नई एससीए ने सोमवार को पदभार संभाल लिया। कॉलेज सभागार में शपथ ग्रहण समारोह में प्राचार्य प्रो. दीक्षा मल्होत्रा ने पदाधिकारियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। अध्यक्ष पद पर मिताली माल्टा, उपाध्यक्ष पारुल सावंत, सचिव आदिति शर्मा और सहसचिव पद पर सोनाली जस्टा ने शपथ ग्रहण की।
इसके बाद कार्यकारिणी में बतौर सदस्य चुने गए कक्षा प्रतिनिधियों और क्लब और सोसायटी की ओर से मनोनीत एससीए सदस्यों को भी शपथ दिलवाई गई। प्राचार्य प्रो. दीक्षा मल्होत्रा ने पदाधिकारियों और सदस्यों को बैज और ब्लेजर पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने नई एससीए से अपील की कि कॉलेज की बेहतरी के लिए काम करें। शपथ ग्रहण समारोह में कॉलेज के शिक्षक भी मौजूद रहे।
सदस्यों ने भी ली शपथ
कॉलेज की नई एससीए में शिल्पा ठाकुर, तन्वी नेंसीपाल, निकिता लाखटा, प्रियंका शर्मा, सपना, रिंकेश गौतम, किरण, जितेंद्र शर्मा, साक्षी रामटा, रितिका मेहता, ठाकुर सिंह, प्रतीक शर्मा, प्रिया चौधरी, दीपिका, दीक्षित शर्मा, कविता, कार्तिक सूद, अंजली शांडिल ने सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की।
अब तक एससीए का शपथ ग्रहण नहीं करवा सका एचपीयू
प्रदेश भर में संबद्ध डिग्री कॉलेजों को दिशा निर्देश देने वाली यूनिवर्सिटी अब तक अपनी मनोनीत एससीए का शपथ ग्रहण समारोह नहीं करवा पाई है। शहर के इवनिंग कॉलेज, संजौली कॉलेज और कोटशेरा कॉलेज में नई एससीए ने शपथ ग्रहण कर ली है।
मगर विश्वविद्यालय की मेरिट आधार पर गठित एससीए का न शपथ ग्रहण समारोह हुआ और न ही इस पर अब तक कोई फैसला हो सका है। एससीए के लिए मनोनीत हुए पढ़ाकू और खेल, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में अव्वल रहने वाले मनोनीत छात्र शपथ ग्रहण का इंतजार कर रहे हैं।
विवि कार्यकारी परिषद के फैसला लेने के बाद कुलसचिव के आदेशों के मुताबिक तय समय पर सभी कॉलेज और विवि ने एससीए मनोनयन की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। इसके लिए 28 से छह सितंबर तक का समय दिया गया था। अधिकतर कॉलेजों के साथ विश्वविद्यालय कैंपस में भी एससीए मनोनयन छह सितंबर को हो गया था।
बावजूद इसके एससीए को शपथ दिलवाकर पदभार ग्रहण करवाने में एचपीयू ही पीछे रह रहा है। कॉलेजों में हालांकि हाउस टेस्ट देरी से शपथ ग्रहण करवाने को वजह जायज मानी जा सकती है, मगर विवि के पास तो ऐसा कोई तर्क नहीं है। किसी भी तरह के कार्यक्रमों के लिए सभागार की बुकिंग एचपीयू का डीएसडब्ल्यू कार्यालय ही करता है।
इसी माह हो जाएगा समारोह : प्रो. देष्टा
विवि के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सुनील देष्टा ने कहा कि मनोनीत एससीए का शपथ ग्रहण समारोह इस माह अंत करवा लिया जाएगा। विवि का सभागार अगले कुछ दिनों के लिए छात्र संगठनों के कार्यक्रमों के लिए एडवांस में बुक है। इस कारण समारोह नहीं हो पा रहा है।
इस बार विपन कुमार एससीए अध्यक्ष मनोनीत
विवि एससीए में इस बार मुख्य चार पदों पर विपन कुमार परफॉर्मिंग आर्ट अध्यक्ष, भूगोल विभाग से ईशिता कश्यप उपाध्यक्ष, रोहित खूंद (एचपीयूबीएस) कॉमर्स एंड मैनेजमेंट सचिव, जबकि प्रज्ञा एजूकेशन विभाग सहसचिव मनोनीत हुई हैं। यह पहला मौका है कि चारों पदों में से एक ने भी इस्तीफा नहीं दिया है। इससे जाहिर है कि ये चार मनोनीत पदाधिकारी शपथ ग्रहण समारोह का इंतजार कर रहे हैं।
नए कुलसचिव पर आज हो सकता है फैसला
प्रदेश सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों के किए गए फेरबदल की प्रक्रिया में विवि के कुलसचिव का पद भी खाली हो गया है। यहां पिछले दो साल तीन माह से लेकर तैनात एचएएस अधिकारी डॉ. पंकज ललित को एडीएम प्रोटोकॉल के पद पर तैनाती आदेश जारी किए गए हैं, जो संभवत: मंगलवार को कुलसचिव पद से भार मुक्त हो कर नए पद पर ज्वाइनिंग दे सकते हैं।
इनके स्थानांतरण से रिक्त होने वाले पद किसकी तैनाती होगी, इसको लेकर सोमवार को चर्चा का बाजार गर्म रहा। अब देखना यह होगा कि कुलसचिव पद पर सरकार फिर से प्रशासनिक अधिकारी बिठाएगी या एक बार फिर से विवि के ही किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को पद पर तैनात किया जाएगा।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव की नजदीकियों और कुलसचिव के स्थानांतरण आदेश के साथ उक्त पद पर नए अधिकारी की तैनाती आदेश न किए जाने से संभावना यही जताई जा रही है कि कुलसचिव पद पर एक बार फिर से विवि के ही किसी प्रोफेसर को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
इनमें विवि के ही कुल प्रोफेसर के नाम पर चरचा शुरू हो गई है। इनमें यूबीएस एवालॉज के निदेशक के साथ दो तीन और नाम चल रहे है। मंगलवार को वर्तमान कुलसचिव डॉ. पंकज ललित पदभार छोड़ रहे है, इसके साथ ही नए कुलसचिव की तैनाती के आदेश भी जारी हो सकते है। अब आदेश प्रदेश सरकार करेगी, या सरकार के ईशारे पर विवि प्रशासन इस पर सभी की निगाहें रहेंगी।
ये शिक्षक भी रह चुके है विवि के कुलसचिव
एचपीयू में कुलसचिव के पद पर प्रोफेसर की तैनाती पहले भी होती रही है। पूर्व में समाज शास्त्र विभाग के प्रो. मोहन झारटा, प्रो. जेबी नड्डा एचपीयूबीएस, केमिस्ट्री विभाग के प्रो. शशि कांत, विधि विभाग के प्रो. सतीश कपूर आदि कई शिक्षक कुलसचिव रहे है।
शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया अटकी, नई सरकार ही आगे बढ़ाएगी प्रक्रिया
शिमला। विश्वविद्यालय में शिक्षकों के विज्ञापित किए गए 95 पदों की भर्ती प्रक्रिया वर्तमान कुलसचिव के कार्यकाल में ही विज्ञापित हुए थे, जिसके लिए आवेदन तो आए मगर अब तक साक्षात्कार के लिए पैनल अप्रूव नहीं हो सके। जिससे प्रक्रिया फार्म छंटनी पर ही रुकी पड़ी है। विवि से पहले कुलपति का कार्यकाल समाप्त हुआ, कार्यवाहक कुलपति बनाए गए, अब कुलसचिव का स्थानांतरण भी हो गया। चुनाव आचार संहिता जल्द लागू होने को है, जिससे अब शायद ही शिक्षक भर्ती के साक्षात्कार इतने कम समय में संभव हो। नई सरकार के कार्यकाल में ही प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी।