हिमाचल में खाली रह गईं एनआरआई और दिव्यांग कोटे की एमबीबीएस सीटें
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विश्वविद्यालय से संबद्ध मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के लिए काउंसलिंग का पहला चरण आधी रात तक चला। पहले चरण की काउंसलिंग पूरी हो जाने के बाद कई निजी डेंटल कॉलेजों की सीटें खाली रह गई हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दिव्यांग और एनआरआई कोटा की सीटें भी नहीं भरी हैं। अब दूसरे राउंड की काउंसलिंग 25 जुलाई से शुरू होगी।
एमबीबीएस/बीडीएस काउंसलिंग कमेटी की ओर से काउंसलिंग के पहले दौर में 5 से 11 जुलाई तक नीट परीक्षा के आधार पर जारी की गई संयुक्त मेरिट में शामिल 3104 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। पहले चरण के बाद अब दूसरे दौर की काउंसलिंग 25 से 28 जुलाई तक विश्वविद्यालय में होगी। इसमें निजी और सरकारी कॉलेजों में रिक्त रहने वाली सीटें भरी जानी हैं।
प्रदेश के सरकारी, निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में ज्वाइनिंग टाइम के 15 जुलाई का समाप्त होने के बाद खाली रही सीटों की स्थिति कॉलेजों से काउंसलिंग कमेटी तक पहुंचेगी। काउंसलिंग के दूसरे राउंड की काउंसलिंग में स्टेट के कॉलेजों में एनआरआई और दिव्यांग श्रेणी की खाली रही सीटें सामान्य श्रेणी में कितनी बदली जाएंगी, इसकी स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, ऑल इंडिया कोटा की कितनी सीटें कॉलेजों में खाली रहने के बाद स्टेट कोटा में बदलेंगी, यह स्थिति भी 24 जुलाई तक ही साफ होगी।
ये रहेगा कालेजों में एडमिशन शेड्यूल
काउंसलिंग कमेटी की ओर से तय किए गए एडमिशन शेड्यूल के मुताबिक 5 से 9 जुलाई तक काउंसलिंग में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित कॉलेज में 12 से 13 जुलाई तक का समय दिया गया है। जबकि 10 और 11 जुलाई को हुई काउंसलिंग में प्रवेश पाने वाले अभ्यर्थियों को ज्वाइन करने के लिए 15 जुलाई तक समय दिया गया है। ऑल इंडिया में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश को 22 जुलाई तक का समय दिया गया है। इसके बाद प्रदेश में कितनी आल इंडिया कोटा की सीटें खाली रहेंगी। यह स्थिति 24 जुलाई तक ही साफ हो पाएगी।
कॉलेज भी बदल सकेंगे अभ्यर्थी
दूसरे दौर की काउंसलिंग में जहां रिक्त सीटें आवंटित की जाएंगी। सरकारी मेडिकल कॉलेजों ओर निजी डेंटल कॉलेजों में सीटें खाली रहने की स्थिति के बाद अभ्यर्थी सीटें खाली उपलब्ध होने पर कॉलेज शिफ्ट भी कर पाएंगे।