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अब इतने फीसदी अंकों वाले भी कर सकेंगे इंजीनियरिंग, यहां जानिए पूरा मामला

Wed, 18 Apr 2018 01:34 PM IST
प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर
प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर Updated Wed, 18 Apr 2018 01:34 PM IST
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now students with 40 percent marks will be able to do engineering

हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने दाखिला नियमों में बदलाव करते हुए बड़ी राहत प्रदान करने की तैयार कर ली है। जी हां, प्रदेश में अब 45 और 40 फीसदी अंक लेने वाले विद्यार्थी भी इंजीनियरिंग, फार्मेसी, एमबीए और एमसीए कर सकेंगे।   

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वर्तमान में तकनीकी विवि में ओपन राउंड से भरी जाने वाली सीटों के लिए 55 और 50 फीसदी अंकों की अनिवार्यता है। तकनीकी विवि के अधीन वर्तमान में 45 से अधिक कॉलेज हैं, जहां इंजीनियरिंग, फार्मेसी, एमबीए, एमसीए और एमटेक समेत होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई होती है। 
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हर साल सामान्य प्रवेश परीक्षा होता है। प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर ही महाविद्यालयों में दाखिले मिलते हैं। लेकिन कई बार सूचना के अभाव में हजारों की संख्या में छात्र प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर पाते और परीक्षा देने से वंचित रह जाते हैं। 

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दाखिले को लेकर शीघ्र होगा बड़ा बदलाव

now students with 40 percent marks will be able to do engineering

ऐसे मामलों में महाविद्यालयों में खाली सीटें होने पर ओपन राउंड के जरिये दाखिले होते हैं। इसमें पहले बारहवीं में 55 और 50 फीसदी अंकों की अनिवार्यता थी। लेकिन अब शीघ्र ही इसमें बड़ा बदलाव किया जा रहा है। 

विवि प्रशासन बोर्ड ऑफ गवर्निंग और एकेडमिक काउंसिल की बैठक में अंकों की प्रतिशतता घटाने पर विचार करने वाला है, जिसके लिए पूरा मसौदा तैयार कर लिया गया है।

ताकि निजी महाविद्यालय के प्रबंधकों और तकनीकी विवि को नुकसान न उठाना पड़े। जाहिर है कि जब दाखिले कम होंगे तो इसका सीधा असर कालेज प्रबंधन के साथ विवि पर भी पड़ेेगा। चंकि प्रदेश तकनीकी विवि सेल्फ फाइनांस के तहत चल रही है।

उधर, हिप्र तकनीकी विवि के कुलसचिव डॉ. विक्रम महाजन ने कहा कि हिमाचल के बाहर के महाविद्यालयों में 45 व 40 फीसदी अंकों पर भी दाखिले मिले जाते हैं।

 

इसके चलते सूबे के अधिकतर महाविद्यालयों में सीटें खाली रह जाती हैं। लेकिन इस बार तकनीकी विवि भी अंकों की प्रतिशतता को घटाने पर विचार करेगी। इस मामले को प्रदेश सरकार के समक्ष भी उठाया जाएगा। 

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