प्राइमरी स्कूलों में बदलेगा परीक्षा का पैटर्न, ऐसे सैट होंगे प्रश्नपत्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में भी अब सीबीएसई की तर्ज पर प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे। सर्वशिक्षा अभियान के तहत तीसरी, चौथी और छठी, सातवीं कक्षा की असेसमेंट का तरीका बदल दिया गया है।
इन कक्षाओं के वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र अब पांच भागों में तैयार किए जाएंगे। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने प्रश्नपत्र में ऑब्जेक्टिव, एप्लीकेशन, स्किल, कांप्रिहैंसिव और नॉलेज बेस्ड सवाल शामिल करने का फैसला लिया है।
आरटीई एक्ट के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक बच्चों को फेल नहीं किया जाता है। असेसमेंट के आधार पर ही बच्चों को अगली कक्षा में दाखिला दिया जाता है। इस कारण नौवीं और दसवीं कक्षा में परीक्षा परिणाम लगातार खराब हो रहे हैं।
अब पूछे जाएंगे ये सवाल
इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सर्व शिक्षा अभियान ने असेसमेंट पैटर्न को बदलने का फैसला लिया है। प्रश्नपत्र में 40 फीसदी सवाल नॉलेज बेस्ड होंगे। 30 फीसदी सवाल अंडरस्टैंडिंग बेस्ड होंगे।
20 फीसदी सवाल एप्लीकेशन बेस्ड और 10 फीसदी सवाल स्किल बेस्ड होंगे। प्रश्न पत्र में 10 सवाल ऑब्जेक्टिव टाइप होंगे। बच्चों को चार ऑप्शन में से सही को चुनना होगा। कांप्रिहैंसिव भाग के तहत हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत विषय में बच्चों को पैरग्राफ पढ़कर सवालों के जवाब देने होंगे।
प्रश्नपत्र में लॉजिकल और रिजनिंग बेस्ड सवाल भी पूछे जाएंगे। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने बताया कि सभी ब्लाकों की हर महीने समीक्षा की जाएगी। ब्लॉक ऑफिसर असेसमेंट की समीक्षा करेंगे।