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अब यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में भी होगी कैशलेस व्यवस्था

Thu, 08 Dec 2016 10:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 08 Dec 2016 10:22 AM IST
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Now Himachal Universities and Colleges will be Cashless.
राज्यपाल आचार्य देवव्रत - फोटो : फाइल फोटो

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालय विद्यार्थियों, कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के अलावा संबंधित महाविद्यालयों में कैशलेस लेन-देन की योजना बना रहे हैं। मोबाइल बैंकिंग और ई-वालेट से प्रत्येक को लाभ मिलेगा। उन्हें नकदी साथ रखने की जरूरत नहीं होगी।

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राज्यपाल बुधवार को राजभवन शिमला में प्रदेश के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की विशेष बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। कहा कि डेबिट, क्रेडिट कार्डों, ऑनलाइन हस्तांतरण, आरटीजीएस और चेक इत्यादि से कैशलेस लेन-देन सुनिश्चित बनाना जरूरी है। अध्यापकों, स्टाफ और विद्यार्थियों को मोबाइल तकनीक से डिजिटल लेन-देन के प्रयोग करने के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए।
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ऐसे अभियान प्रदेश के कॉलेजों में भी शुरू किए जाएंगे। उन्होंने विश्वविद्यालयों से इस मिशन में सहयोग का आग्रह किया। कहा कि राजभवन ने पहले ही कैशलेस प्रणाली को अपना लिया है। 17 दिसंबर को प्रदेश विवि के टॉपर्स के लिए बैंकों की सहायता से राजभवन में प्रशिक्षण होगा। ऐसी कार्यशालाएं सभी अन्य सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में भी होंगी।
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विद्यार्थियों को कुलपति शपथ दिलाएंगे कि प्रत्येक विद्यार्थी सर्दियों की छुट्टियों में कम से कम दस लोगों को इसका प्रशिक्षण दें। बाद में कॉलेजों में भी जागरूकता अभियान चलेंगे। बैठक में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने बहुमूल्य सुझाव दिए। राज्यपाल के सचिव पुष्पेंद्र राजपूत ने बैठक का संचालन किया। अग्रणी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

नोटबंदी से कश्मीर में पत्थरबाजी रुकी : राज्यपाल
राज्यपाल ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वे आम लोगों से निवेदन करते हैं कि प्रधानमंत्री ने बहुत बड़ा फैसला लिया है। इस थोड़े से कष्ट के बाद महंगाई पर अंकुश लगेगा। जिस ढंग से रुपये का अवमूल्यन हो रहा था, उससे इसकी कीमत बढ़ेगी। नोटबंदी के बाद कश्मीर में पत्थरबाजी एक दिन भी नहीं हुई। आतंकवाद और नक्सलवाद पर विराम लगा है। इससे एक समानांतर आर्थिक साम्राज्य भी रुका है।  


अवैध भवनों को वैध करने के बिल पर साधी चुप्पी
अवैध भवनों को वैध करने के लिए प्रदेश विधानसभा से पारित टीसीपी बिल पर राजभवन का क्या रुख रहेगा? आचार्य देवव्रत ने इस सवाल पर चुप्पी साधी। राज्यपाल इस बिल पर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे जो भी फैसला लेंगे, उसे जन सुविधा के मद्देनजर ही लेंगे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रतिनिधि इस विधेयक पर फैसला लेने के लिए राज्यपाल से भेंट कर चुके हैं।

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