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हिमाचल में अब अमेरिका की तर्ज पर होगी डॉक्टरी की पढ़ाई

Thu, 11 Aug 2016 10:36 AM IST
सतीश वालिया/अमर उजाला, धर्मशाला
सतीश वालिया/अमर उजाला, धर्मशाला Updated Thu, 11 Aug 2016 10:36 AM IST
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Now American software will be used for Doctors study in Himachal.

हिमाचल के टांडा मेडिकल कॉलेज में अब अमेरिका की तर्ज पर पढ़ाई करवाई जाएगी। इसके लिए इंटरनेशनल सॉफ्टवेयर लाइटशारकको टीएमसी में लाया गया है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से एमबीबीएस या पीजी की पढ़ाई कर रहे डॉक्टरों को पढ़ाया जाएगा।

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प्रोफेसर अब सीधे आईपैड या फिर आईफोन पर अपने लेक्चर को तैयार करेंगे। इसे प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्रों के सामने रखा जाएगा। प्रोफेसर आधा घंटा पहले क्लास रूप में पहुंचेंगे। लेक्चर तैयार करने के बाद निर्धारित समय में लेक्चर प्रोजेक्टर के माध्यम से दिए जाएंगे।
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इसमें विषय से संबंधित हर पहलू पर चर्चा की जाएगी। प्रशिक्षु चिकित्सक जिस टॉपिक पर सवाल करेंगे, प्रोफेसर उसे प्रोजेक्टर के माध्यम से ही हल करवाएंगे। हिमाचल में पहली बार अमेरिकन तकनीक से एबीबीएस की पढ़ाई करवाई जा रही है।

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छात्रों को नहीं समझ आ रहा था टॉपिक

Now American software will be used for Doctors study in Himachal.

इससे पहले साधारण तरीके से ही पढ़ाई करवाई जा रही थी। जल्दबाजी में कई छात्रों को टॉपिक को समझना मुश्किल हो जाता था। इस साफ्टवेयर में हर पहलुओं पर लगभग 15 मिनट पर मंथन किया जाएगा। इसके बाद दस मिनट छात्रों की समस्याओं का निदान किया जाएगा।

इस तकनीक से कनाडा और दुबई में भी पढ़ाई करवाई जा रही है। यहां पर इस साफ्टवेयर के अच्छे रिजल्ट आने के बाद इसे टीएमसी में लाया गया है। नई तकनीक से पढ़ाई करवाने के लिए फिलहाल ट्रायल चल रहे हैं।

आगामी सप्ताह से इसे टांडा मेडिकल कॉलेज के 24 विभागों में शुरू करने की तैयारी है। ईएनटी विभाग के प्रवक्ता डा. मनीष सरोच ने कहा कि लाइटशारक साफ्टवेयर से पढ़ाई करवाई जाएगी। इसको लेकर तमाम तैयारियां पूरी हैं। इससे छात्रों को हर पहलुओं को समझाना आसान होगा।

ब्लैकबोर्ड में लिखने से मिलेगी अब छुट्टी
अब ब्लैकबोर्ड पर चॉक लेकर प्रोफेसरों को लिखना नहीं पड़ेगा। सॉफ्टवेयर के माध्यम से हर विषय संबंधी डायग्राम बनाना आसान होगा। टीएमसी के प्राचार्य डा. अनिल चौहान ने कहा कि इस सॉफ्टवेयर को विदेशों में पढ़ाई के लिए प्रयोग किया जा रहा है। अब टीएमसी में भी लाइटशारक सॉफ्टवेयर से पढ़ाई करवाई जाएगी।

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