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इस सत्र भी बिलासपुर शिफ्ट नहीं होंगी हाइड्रो इंजीनियरिंग की कक्षाएं

Mon, 25 Jun 2018 11:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर Updated Mon, 25 Jun 2018 11:43 AM IST
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No classes in Hydro Engineering College Bilaspur Himachal Pradesh

बिलासपुर में बनने वाले हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की कक्षाएं इस सत्र में भी नगरोटा ही बैठेंगी। तमाम दावों के बावजूद न तो शिलान्यास के बाद से बिलासपुर में कॉलेज भवन का काम शुरू हो पाया है और ना ही अन्य किसी वैकल्पिक जगह पर कक्षाएं शिफ्ट करने की सहमति हो पाई है। तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने तो साफ कहा है कि स्थायी इमारत बनने तक कक्षाओं को नगरोटा से शिफ्ट करने का फिलहाल कोई विचार नहीं है।

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उधर, सिविल व मेकेनिकल कोर्स के लिए दूसरे सत्र के दाखिलों का दौर शुरू हो गया है। दोनों कोर्स के लिए 60-60 सीटें रखी गई हैं। पहले सत्र की कक्षाएं पहले से ही नगरोटा में चल रही हैं। दरअसल प्रदेश के एकमात्र हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में मेकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई होनी है। वर्तमान में केवल सिविल व मेकेनिकलकोर्स ही शुरू किए गए हैं। जिनकी कक्षाएं भी नगरोटा में चल रही हैं।
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डेढ़ वर्ष पहले दिल्ली में जो एमओयू एनटीपीसी, एनएचपीसी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, सांसद अनुराग ठाकुर व प्रदेश सरकार की ओर से तत्कालीन शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में साइन हुआ था, उसके अनुसार हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की कक्षाएं बिलासपुर में बिठाई जानी थी। लेकिन पहले सत्र की कक्षाएं नगरोटा में ही शुरू करनी पड़ीं। इस सत्र से कक्षाएं बिलासपुर में चलाने के दावे किए जा रहे थे।
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सदर विधायक सुभाष ठाकुर व उपायुक्त ने कक्षाओं को बिलासपुर मेें बैठाने की संभावनाएं तलाशने को सरकारी आईटीआई व बिलासपुर कॉलेज का निरीक्षण किया था। लेकिन तकनीकी शिक्षा अधिकारियों ने अस्थायी व्यवस्थाओं में कक्षाआें को नगरोटा से बिलासपुर शिफ्ट करने से मना कर दिया है। तर्क है कि नगरोटा से कक्षाओं को तभी शिफ्ट किया जाना सही है जब स्थायी इमारत का ढांचा कम से कम 70 फीसदी तक पूरा हो जाए।

जबकि अभी तक निर्माण शुरू भी नहीं हुआ है। अभी तक चल रहे दोनों कोर्स में एनटीपीसीए एनएचपीसी के अधिकारियों व कर्मचारियों के बच्चों के लिए 15-15 फीसदी सीटें आरक्षित रखी गई हैं। जबकि कोर्स के लिए 60-60 सीटें रखी गई हैं। कॉलेज निर्माण के लिए एनटीपीसी व एनएचपीसी ने 35-35 करोड़ रुपये जमा करवा दिए हैं।  

पर्याप्त आधारभूत ढांचे में ही चलाई जाएंगे कक्षाएं
तकनीकी शिक्षा निदेशक शुभकर्ण का कहना है कि जब तक कॉलेज का 70 प्रतिशत आधारभूत ढांचा तैयार नहीं हो जाता तब तक कक्षाएं कैंपस में नहीं बैठेंगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा और समय से निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

62.06 बीघा जमीन पर तैयार होना है कॉलेज
सरकार और प्रशासन ने सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बंदला में हाइड्रो कॉलेज के लिए जमीन तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम कर दी है। इस हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण 62.06 बीघा जमीन पर किया जाना है।

बिलासपुर से भाजपा का फिर छलावा
जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान ने कहा कि कक्षाएं बिलासपुर में शुरू करने संबंधी भाजपा ने लोगों से वायदा किया था जो पूरा नहीं हुआ है। अभी तक वर्तमान सरकार की ओर से कोई खास कदम नहीं उठाए गए हैं। बिलासपुर के लोगों को एक बाद फिर से छला गया है। 


कांग्रेस की वजह से नगरोटा गई कक्षाएं
सदर विधायक सुभाष ठाकुर का कहना है कि पिछली कांग्रेस सरकार की नालायकी के कारण हाइड्रो कॉलेज की कक्षाएं बिलासपुर से नगरोटा शिफ्ट हुई हैं। पूर्व विधायक भी इन कक्षाओं को यहां बैठा पाने में नाकामयाब रहे। कांग्रेस को लोगों से इस बात को लेकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बारे में सीएम व तकनीकी मंत्री को लिखा गया है। कैबिनेट में यह मामला उठाया जाएगा। बिलासपुर में कक्षाएं शुरू करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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