एनआईओएस का कारनामाः स्टडी सेंटर बदले, अब इतने दूर जाना होगा
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एनआईओएस बोर्ड की ओर से प्रशिक्षण के लिए डीएलएड अध्यापकों के स्टडी सेंटर तो बदल दिए गए हैं, परंतु बदलकर केंद्र पहले से और दूर आवंटित कर दिए गए हैं। इस निर्णय ने डीएलएड अध्यपकों की परेशानी और बढ़ा दी है।
ऐसे में बहुत से अध्यापक डीएलएड का प्रशिक्षण लेेने से हिचकिचा रहे हैं। सरकार की ओर से डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन के प्रशिक्षण के लिए स्टडी सेंटर आवंटित करते समय उनकी सुविधा का कोई भी ध्यान नहीं रखा गया।
डीएलएड कोर्स करवाने का जिम्मा प्रारंभिक शिक्षा विभाग को दे रखा है। विभाग ने अध्यापकों को स्टडी सेंटर देने का कार्य सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों को दिया है। एनआईओएस बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय धर्मशाला के अधिकारी भी डीएलएड अध्यापकों को स्टडी सेंटर सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों द्वारा देने की बात कहकर अपना पल्लू झाड़ रहा है।
सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों द्वारा डीएलएड प्रशिक्षण ले रहे अध्यापकों के स्टडी सेंटर वितरित करते समय ब्लॉक को देखकर वितरण नहीं किया गया। जबकि एनआईओएस बोर्ड धर्मशाला की मानें तो उन्होंने एसएसए को अध्यापकों की लिस्ट ब्लॉक वाइज दी है और स्टडी सेंटर भी ब्लॉक वाइज देने की बात कही है। सर्वशिक्षा अभियान के अधिकारियों का कहना है कि अध्यापकों को दिए गए सेंटर बदले नहीं जा सकते हैं।
साइट पर सेंटर देखा तो होश उड़ गए
वहीं राजेश कुमार, पद्मा शर्मा, राजो कुमारी, कमलेश कुमार, वीनू देवी, उमा शर्मा, राकेश कुमार, सरोज देवी, मनोज कुमार, रमेश कुमार का कहना है कि एनआईओएस बोर्ड की वेबसाइट पर स्टडी सेंटर चेक किया तो अध्यापकों के होश उड़ गए। इनका कहना है कि जब अपने ब्लॉक में प्रशिक्षण केंद्र है तो 150 से दो सौ किलोमीटर दूर प्रशिक्षण लेने के लिए क्यों जाएं?
क्या कहते हैं अधिकारी
एनआईओएस क्षेत्रीय सेंटर धर्मशाला के निदेशक संजीव कुमार का कहना है कि डीएलएड अध्यापकों को स्टडी सेंटर देने का कार्य सर्व शिक्षा अभियान विभाग शिमला का है। उनको डीएलएड अध्यापकों को प्रशिक्षण के लिए नजदीकी स्टडी सेंटर देने चाहिए थे, जबकि बोर्ड ने अध्यापकों की लिस्ट ब्लॉक और जिला वाइज दी गई है।
अगर अध्यापकों के ब्लॉक में स्टडी सेंटर है तो उन्हें उसी ब्लॉक में प्रशिक्षण केंद्र उपलब्ध करवाना चाहिए। वहीं डीएलएड के स्टेट नोडल अधिकारी सुरेंद्र सिंह रंागटा का कहना है कि अगर एनआईओएस हमें अध्यापकों के प्रशिक्षण केंद्र बदलने के आदेश देता है तो हम बदल सकते हैं। उन्होंने बताया कि भौगोलिक स्थिति का पता न होने की वजह से ऐसा हुआ है।