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एनसीसी कैडेट बनने से वंचित रह गए हजारों छात्र
दीपक मेहता, अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 30 Sep 2018 01:18 PM IST
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एनसीसी ग्रुप हेडक्वार्टर का प्रदेश की एनसीसी कंपनियों को बटालियन में तबदील करने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार ने खारिज कर दिया है। इससे सूबे के करीब सात हजार छात्रों का एनसीसी बटालियन में शामिल होने का सपना टूट गया है। एनसीसी ग्रुप हेडक्वार्टर ने 2007 में सरकार को प्रदेश की सात एनसीसी कंपनियों को बटालियन में बनाने का प्रस्ताव भेजा था।
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तत्कालीन सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे 11 साल बाद खारिज कर दिया है। इससे प्रदेश के 47 कॉलेजों के चार हजार सहित 155 स्कूलों के तीन हजार छात्र एनसीसी कैडेट बनने से वंचित रह गए हैं। एनसीसी ग्रुप हेडक्वार्टर के अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा समय में सूबे की सात कंपनियों में कैडेटों की संख्या पूरी है। कंपनियों के बटालियन में विस्तार होने के बाद इन हजारों छात्रों के पास एनसीसी कैडेट बनने का मौका था।
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एक कंपनी की क्षमता बटालियन में तीन गुना कैडेटों की संख्या निर्धारित की गई है। कंपनी के बटालियन में विस्तार होने के बाद प्रदेश के कॉलेजों और स्कूल के छात्रों को एनसीसी में शामिल होने का सुनहरा मौका था। एनसीसी ग्रुप हेडक्वार्टर कमांडर ललित जोशी ने बताया कि एनसीसी महानिदेशक (रक्षा मंत्रालय) की ओर से सात सितंबर को एनसीसी के पांचवें विस्तार योजना के लिए प्रदेश की कंपनियों को बटालियन बनाने के लिए पत्र आया था, लेकिन सरकार ने प्रस्ताव खारिज कर दिया है।
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प्रदेश में एनसीसी के 12 यूनिट
प्रदेश में एनसीसी की आर्मी, नेवी और एयर फोर्स की 12 यूनिट हैं। इनमें आर्मी की 10, जबकि नेवी और एयरफोर्स की एक -एक यूनिट में बांटा गया है। आर्मी की 10 यूनिटों को तीन बटालियन और सात कंपनियाें में विभाजित किया गया है। कंपनी में कैडेटों की संख्या 200 जबकि बटालियन में 640 होती है।
एनसीसी में साढ़े 24 हजार हैं कैडेट
प्रदेश में करीब 24 हजार 630 कैडेट एनसीसी में शामिल हैं। इनमें 56 कॉलेजों में 3880, जबकि 305 स्कूलों में 20 हजार 750 कैडेट में पुलिस, आर्मी, नेवी और एयर फोर्स में भर्ती होने के गुर सीख रहे हैं।
एनसीसी को कॉलेजों में अनिवार्य विषय बनाने की तैयारी
प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में अनुशासन लाने के लिए एनसीसी को पाठ्यक्रम में शामिल करने की कवायद शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय इस बाबत प्रस्ताव बना रहा है। सरकार से प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही कॉलेजों में एनसीसी को अनिवार्य विषय के तौर पर शुरू किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव के मुताबिक एनसीसी विषय को प्रैक्टिकल और थ्यूरी में बांटा जाएगा।
प्रैक्टिकल पार्ट में विद्यार्थियों को फिट रहने की शिक्षा दी जाएगी। इसके तहत सामान्य तौर पर परेड सहित अन्य शारीरिक गतिविधियां सिखाई जाएंगी। थ्यूरी पार्ट में विद्यार्थियों को देश भक्ति का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा सेना के इतिहास के बारे में बताया जाएगा। मानचित्र पढ़ने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एनसीसी मुख्यालय के साथ मिलकर कॉलेजों में इस विषय को पढ़ाने की योजना है।