नौणी विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह: राज्यपाल ने 11 को स्वर्ण पदक, 665 मेधावियों को बांटीं डिग्रियां
मुख्यातिथि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने स्वर्ण पदक विजेताओं और उपाधी धारकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह एक ऐसा स्मरणीय पल है जो हमें भविष्य में उन्नति और इसमें विश्वविद्यालय के विशेष योगदान की याद दिलाता रहेगा। उन्होंने आग्रह किया कि युवा अपना शोध कार्य कृषि समुदाय तक लेकर जाएं।
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डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में 11वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। इस मौके पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर मेधावियों को 665 डिग्रियां, 11 स्वर्ण पदक और 261 मेरिट प्रमाण पत्र दिए गए। इसमें 21 विदेशी विद्यार्थी भी शामिल रहे। संजीव कुमार, स्वाति शर्मा, नेहा मिश्रा, कृति सेमवाल, पलक ठाकुर, मेघा सिंह, दिनेश कुमार, नीशिका दरकाल, अक्षय कुमार, नेहा और प्रीक्षित को स्वर्ण पदक दिया गया। इस अवसर पर मुख्यातिथि ने स्वर्ण पदक विजेताओं और उपाधी धारकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह एक ऐसा स्मरणीय पल है जो हमें भविष्य में उन्नति और इसमें विश्वविद्यालय के विशेष योगदान की याद दिलाता रहेगा।
उन्होंने आग्रह किया कि युवा अपना शोध कार्य कृषि समुदाय तक लेकर जाएं। जब तक यह शोध किसानों तक नहीं पहुंचता है, इसका कुछ भी उपयोग नहीं है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह एक ऐसा समारोह है जहां न केवल छात्रों को सम्मानित किया जाता है बल्कि विश्वविद्यालय को भी उनके प्रति कृतज्ञता जताने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां छात्रों के कड़े परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने इसमें शिक्षकों, गैर शिक्षकों और छात्रों के अभिभावकों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह उपाधियां तभी मूल्यवान हैं जब उनका शोध खेतों तक पहुंचेगा।
इस विषय में मिली उपाधियां
दीक्षांत समारोह में 11 छात्रों को स्वर्ण पदक और 261 छात्रों को मेरिट प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त 665 विद्यार्थियों ने बीएससी बागवानी और बीएससी वानिकी, बीटेक बायोटेक्नोलॉजी, एमबीए, एबीएम, एमएससी बागवानी और एमएससी वानिकी और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।