छात्राओं से वसूली जा रही ट्यूशन फीस, राज्यपाल ने मांगा जवाब
हिमाचल के डा. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन और चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार के आदेशों की अवहेलना करते हुए लड़कियों से ट्यूशन फीस वसूल रहे हैं।
जबकि प्रदेश सरकार ने 18 जुलाई 1995 को अधिसूचना जारी कर प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों से लेकर यूनिवर्सिटी के अलावा तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने वाले सरकारी संस्थानों में लड़कियों की ट्यूशन फीस माफ करने की घोषणा की हुई है।
दोनों विश्वविद्यालयों की मनमानी से तंग आकर छात्राओं के अभिभावकों ने इस मामले को राज्यपाल आचार्य देवव्रत के समक्ष उठाया है। शिकायत मिलते ही राज्यपाल ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों यूनिवर्सिटी से स्पष्टीकरण मांगा है।
राज्यपाल के पास मामला पहुंचते ही यूनिवर्सिटी ने आनन-फानन में इसका जवाब भी दे दिया। हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी नौणी के रजिस्ट्रार ने राज्यपाल को लिखे गए पत्र में बताया है कि विश्वविद्यालय की आर्थिकी स्थिति पहले से खराब चल रही है।
अगर छात्राओं की ट्यूशन फीस को माफ करते हैं तो उन्हें अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अगर छात्राओं की ट्यूशन फीस माफ करनी है तो प्रदेश सरकार अलग से अतिरिक्त बजट का प्रावधान करे। चूंकि यह सेल्फ फाइनांसिंग यूनिवर्सिटी है। इसके चलते छात्राओं की ट्यूशन फीस माफ करना उनके लिए मुश्किल होगा।
दोनों विवि में हजारों छात्राएं ग्रहण कर रही शिक्षा
कृषि विवि पालमपुर और उद्यानिकी एवं वानिकी विवि नौणी दोनों में हजारों छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। दोनों विवि में अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम, एमएससी प्रोग्राम, एमबीए एग्री बिजनेस, पीएचडी समेत डिप्लोमा कोर्सिस चल रहे हैं।
उद्यानिकी एवं वानिकी विवि में चार वर्षीय अंडर ग्रेजुएट कोर्स में कुल आठ सेमेस्टर हैं। हरेक सेमेस्टर में छात्राओं से 8000 रुपये प्रति सेमेस्टर ट्यूशन फीस वसूली जा रही है।
हैरानी की बात है कि हिमाचल प्रदेश विवि शिमला और हिप्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर से शिक्षा हासिल करने वाली छात्राओं की ट्यूशन फीस माफ है, लेकिन उक्त दो विश्वविद्यालय छात्राओं को ट्यूशन माफ करने में आनकानी कर रहे हैं।
विवि ने दी ये सफाई
उद्यानिकी एवं वानिकी विवि नौणी, सोलन के वाइस चांसलर डा. एससी शर्मा ने कहा कि अगर किसी छात्रा को ट्यूशन फीस से संबंधित कोई समस्या है तो वह उनसे मिल सकती है। पूर्व में जारी की गई सरकार की अधिसूचना का अध्ययन कर उचित फैसला लिया जाएगा।
इधर, नौणी विवि के रजिस्ट्रार यशपाल शर्मा ने कहा कि यह मामला प्रदेश सरकार के साथ उठाया है। सरकार जो फैसला लेगी, उसे लागू किया जाएगा।
इधर, चौधरी सरवण कुमार कृषि विवि के रजिस्ट्रार (एचएएस) सतीश कुमार शर्मा ने कहा कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। ट्यूशन फीस के मामले पर विवि के अधिकारियों से बात की जाएगी।