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नीट को नई गाइडलाइन से हजारों अभ्यर्थियों को झटका

Mon, 30 Jan 2017 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला Updated Mon, 30 Jan 2017 12:04 AM IST
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National Eligibility cum Entrance Test 2017 New Guidelines

नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) के लिए यूजीसी की नई गाइडलाइन से इसकी तैयारियों में जुटे हजारों अभ्यर्थियों को झटका लगा है। इससे हजारों अभ्यर्थियों का डॉक्टर बनने का सपना भी टूट सकता है। इसलिए नीट की तैयारियों में जुटे अधिकतर अभ्यर्थियों के अभिभावक अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। 

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अभ्यर्थियों के अभिभावकों की मानें तो यूजीसी नीट के लिए अनारक्षित वर्ग को 17 से 25 आयु वर्ग के अभ्यर्थियों को कुल आठ सालों में तीन बार पेपर देने का मौका देगा। आरक्षित वर्ग के लिए यह आयु सीमा 17 से 30 वर्ष निर्धारित कर दी है। 

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कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में अभ्यर्थियों के अभिभावक

National Eligibility cum Entrance Test 2017 New Guidelines

इसके लिए यूजीसी ने हवाला दिया है कि कई बार डॉक्टर बनने के लिए एंट्रेंस की तैयारियां करते हैं। यहां इसको क्लीयर नहीं कर पाते हैं। वहीं अन्य स्नातक डिग्रियों से भी वंचित रह जाते हैं। यूजीसी की इस अवधारणा का अभिभावकों ने कड़ा विरोध किया है। साथ ही नई गाइडलाइन के खिलाफ कोर्ट जाने का भी मन बना लिया है। 

 

सूर्यप्रकाश, विजय भूषण, अनामिका, अनंत भारद्वाज, नितिका, रूपाली, मंजीत कौर, मानसी सहित अन्य अभ्यर्थियों के अभिभावकों सुरेश, अनिल वर्मा, चंद्र प्रकाश चौधरी, मनोज राणा, रवि कुमार आदि ने बताया कि आठ सालों में तीन चांस देना तर्कसंगत नहीं है। इसके खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

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